खुले में कूड़ा जलाने पर नगर निगम की सख्ती, वृंदावन में दुकानदार पर कार्रवाई

मथुरा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए जारी दिशा-निर्देशों के तहत खुले में कूड़ा जलाना कानूनन अपराध है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर मथुरा वृंदावन नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी क्रम में वृंदावन क्षेत्र स्थित आर.के. मिशन अस्पताल के सामने एक दुकानदार द्वारा खुले में कूड़ा जलाए जाने की सूचना नगर निगम को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही नगर निगम की प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची और स्थिति की जांच की। टीम ने पाया कि दुकानदार द्वारा प्लास्टिक एवं अन्य कचरा खुले में जलाया जा रहा था जिससे वातावरण में जहरीला धुआं फैल रहा था और आम लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
नगर निगम अधिकारियों ने तत्काल कूड़ा जलाने की गतिविधि को रुकवाया और संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की। एनजीटी के निर्देशों तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दुकानदार पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही उसे भविष्य में इस तरह की गतिविधि न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खुले में कूड़ा जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है बल्कि इससे गंभीर बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न होता है। प्लास्टिक और गीले कचरे को जलाने से निकलने वाला धुआं बच्चों बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए अत्यंत हानिकारक होता है।
नगर निगम ने सभी दुकानदारों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे कूड़े का निस्तारण निर्धारित स्थानों पर करें तथा किसी भी स्थिति में खुले में कचरा न जलाएं। नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नगर आयुक्त जग प्रवेश ने कहा कि स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त शहर बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता नियमों का पालन कर ही हम आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण दे सकते हैं। यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति खुले में कूड़ा जलाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध जुर्माने के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर बाजार क्षेत्रों अस्पतालों के आसपास तथा व्यस्त मार्गों पर निगरानी की जाएगी ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।