बड़ी जीत: नौहझील ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी की कुर्सी बरकरार, न्यायालय ने खारिज की विरोधियों की रिट

​षड्यंत्रकारियों के मुंह पर तमाचा, सत्य की हुई जीत: सुमन चौधरी

​मथुरा (नौहझील)। नौहझील ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर पिछले कई वर्षों से चल रही कानूनी खींचतान पर अंततः न्यायालय ने विराम लगा दिया है। जिला सत्र एवं न्यायालय ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव को चुनौती देने वाली योगेश कुमार की रिट को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी और उनके समर्थकों में भारी उत्साह है और क्षेत्र में जश्न का माहौल बना हुआ है।

​सत्ता का दुरुपयोग नहीं जनता का मिला था आशीर्वाद बताते चलें कि वर्ष 2021 के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सुमन चौधरी ने योगेश कुमार को मात दी थी। इस परिणाम को योगेश कुमार ने न्यायालय में चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें सत्ता के बल पर हराया गया है। बुधवार को न्यायालय ने साक्ष्यों और दलीलों को सुनने के बाद इस याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया।
न्यायालय के निर्णय के बाद ब्लॉक प्रमुख सुमन चौधरी ने पूर्व विधायक श्यामसुंदर शर्मा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा इस पूरे मामले में पूर्व विधायक मुख्य षड्यंत्रकारी थे। उन्होंने मेरे महिला होने का भी सम्मान नहीं किया और अपने समर्थकों से अभद्र टिप्पणियां करवाईं। जनता ने उन्हें पचहरा गांव की प्रधानी से लेकर ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत और विधानसभा चुनाव तक में नकार कर आईना दिखा दिया है।
सुमन चौधरी ने खुलासा किया कि विरोधियों ने न केवल उनके खिलाफ बल्कि न्यायपालिका के विरुद्ध भी अभद्र टिप्पणियां की थीं जिस पर माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने तो शपथ पत्र पर की गई टिप्पणियों के लिए माफी तक मांगने का आदेश दिया था।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि मांट क्षेत्र की स्वच्छ राजनीति को कुछ चंद नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए तार-तार कर दिया है। इसमें एक ‘नए उभरते नेता’ ने भी विरोधियों का साथ दिया जिन्हें जनता पहले ही नकार चुकी है। उन्होंने संकल्प लिया कि आने वाले समय में क्षेत्र की महिलाएं इन घिनौने षड्यंत्रों का मुंहतोड़ जवाब देंगी।

​इस कानूनी लड़ाई में सुमन चौधरी की ओर से अधिवक्ता मनवीर सिंह, शैलेंद्र सिंह और कुंवर पाल ने प्रभावी पैरवी की। फैसले के बाद समर्थकों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया।