मथुरा वृंदावन के विकास को मिली नई उड़ान, विकास प्राधिकरण का 2082 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पास

आवासीय योजनाओं और मंदिर कॉरिडोर प्रभावितों के पुनर्वास को मंजूरी
मथुरा। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बजट स्वीकृत किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने की।
राजकीय संग्रहालय परिसर स्थित प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक में पिछली बोर्ड बैठक के निर्णयों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। इसके बाद प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा वर्ष 2025-26 के वास्तविक आय व्यय और वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को बोर्ड के समक्ष रखा गया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2082.84 करोड़ रुपये की आय और 2053.57 करोड़ रुपये के व्यय का बजट स्वीकृत किया गया। यह बजट प्राधिकरण के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया गया।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि बजट में 850 करोड़ रुपये की नई आवासीय और विकास योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं जिन्हें रहीमपुर छाता गोवर्धन और बरसाना क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। इन योजनाओं के तहत भूमि क्रय पर यह राशि खर्च की जाएगी।
इसके अलावा वृंदावन जैत की गोविंद विहार योजना राल की हनुमंत विहार योजना सहित छाता और रहीमपुर क्षेत्रों में निर्माण और विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।
उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन ने बताया कि शासन द्वारा मथुरा वृंदावन सहित अन्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से परिक्रमा मार्ग को मजबूत किया जाएगा सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा और अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही नगरीय अवस्थापना निधि और क्षेत्रीय स्थापना निधि से शहरी विकास कार्यों पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बोर्ड बैठक में वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए रुक्मणी विहार आवासीय योजना में भवन निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। यह आवास उन लोगों को दिए जाएंगे जो कॉरिडोर परियोजना से विस्थापित होंगे।
बोर्ड बैठक में दो राजस्व निरीक्षक और दो लिपिक की तैनाती संविदा के आधार पर किए जाने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पांच अवर अभियंता एक उद्यान विशेषज्ञ एक जीआईएस विशेषज्ञ और एक प्रोक्योरमेंट सलाहकार को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में तहसील सदर जिला मथुरा के ग्राम जैत में प्राधिकरण द्वारा विकसित भूमि पूलिंग योजना के अंतर्गत गोविंद विहार आवासीय योजना में मानचित्र में आंशिक संशोधन को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा प्राधिकरण की महायोजना 2031 के चरणबद्ध विकास क्रियान्वयन के लिए जोनल प्लान तैयार कराए जाने को स्वीकृति दी गई। आदर्श कोस्टिंग गाइडलाइन के मूलभूत सिद्धांतों के अंतर्गत कैलाश नगर आवासीय योजना में दुकानों को सेल के माध्यम से विक्रय किए जाने की स्वीकृति भी दी गई।
बैठक में जिलाधिकारी सीपी सिंह नगर निगम आयुक्त जग प्रवेश सचिव आशीष सिंह सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।