मथुरा। मथुरा कलेक्टर कार्यालय पर मंगलवार को विभिन्न संस्थाओं द्वारा यूजीसी के काले कानून के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान परशुराम शोभा यात्रा समिति वामन भगवान महोत्सव समिति अखिल भारतीय गौड मंडल तथा अन्य संस्थाओं द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।
परशुराम शोभा यात्रा के राष्ट्रीय सचिव रामगोपाल शर्मा ने कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के साथ बहुत गलत है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के बच्चों के साथ विश्वविद्यालयों में शुरू से ही अन्याय होता आ रहा है। कई विश्वविद्यालयों में तिलक राजू और तलवार इनमे मारो जूते चार जैसे नारे लगाए गए और ऐसे लोगों को यूजीसी में शामिल किया गया है। अब कानून बनने के बाद स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एससी एसटी और ओबीसी को यूजीसी में शामिल किया गया है उसी प्रकार जनरल वर्ग को भी यूजीसी में शामिल किया जाए ताकि वह भी अपनी बात यूजीसी के माध्यम से रख सके। संजय हरियाणा ने कहा कि यूजीसी का यह कानून शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन करेगा। गजेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह कानून एकतरफा है और इससे समाज में असमानता बढ़ेगी। सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए। गौरव शर्मा ने कहा कि यूजीसी के इस कानून से छात्रों में आक्रोश है और यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और नारेबाजी की गई।
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