स्वच्छ सर्वेक्षण में लापरवाही नहीं चलेगी, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना : राकेश त्यागी

मथुरा । स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर मथुरा वृंदावन नगर निगम ने कमर कस ली है। सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नागरिक अनुशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई एवं आर्थिक दंड तय है।

उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घरों एवं प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अनिवार्य रूप से अलग-अलग रखा जाए तथा कचरा केवल नगर निगम द्वारा निर्धारित डस्टबिन या वाहन में ही डाला जाए। खुले में कचरा फेंकना स्वच्छ सर्वेक्षण के नियमों के विरुद्ध है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर जीरो टॉलरेंस

सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। प्लास्टिक का उपयोग, बिक्री या भंडारण करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से कपड़े, जूट या कागज़ के थैलों के उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन को विशेष महत्व दिया गया है। पानी को व्यर्थ बहाने से बचें और कहीं भी नल या पाइपलाइन में लीकेज दिखाई दे तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें।

ODF++ बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी

खुले में शौच को उन्होंने कानूनन अपराध बताते हुए कहा कि इससे शहर की रैंकिंग को भारी नुकसान होता है। सभी नागरिक सार्वजनिक व निजी शौचालयों का उपयोग करें, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई तय है।

मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण जरूरी

डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम को भी स्वच्छ सर्वेक्षण का अहम हिस्सा बताते हुए उन्होंने सप्ताह में एक दिन “ड्राई डे” अपनाने और कहीं भी पानी जमा न होने देने की अपील की। सहायक नगर आयुक्त ने कहा कि गृहकर और जलकर का समय पर भुगतान करने से ही सफाई, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं में सुधार संभव है। करों का भुगतान ऑनलाइन या नगर निगम कार्यालय से किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक तभी मिलेगी जब नागरिक सक्रिय सहभागिता निभाएंगे, सफाई कर्मचारियों का सम्मान करेंगे और स्वच्छता फीडबैक में भाग लेंगे।

“आपका एक छोटा कदम, मथुरा–वृंदावन को स्वच्छ, सुंदर और देश में श्रेष्ठ रैंक दिला सकता है। आइए, मिलकर अपने शहर को स्वच्छता की मिसाल बनाएं।”
— सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी
नगर निगम, मथुरा–वृंदावन