मताधिकार पर संकट! मथुरा में 1.67 लाख मतदाताओं को नोटिस, निगम–पालिका दफ्तरों में उमड़ा जनसैलाब

मथुरा। जनपद में चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मतदाताओं की मैपिंग न होने के कारण लगभग 1 लाख 67 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद अपने मताधिकार को बचाने के लिए हजारों नागरिक नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत कार्यालयों में उमड़ पड़े हैं, जिससे इन कार्यालयों में रोज़ाना भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

निर्वाचन सूची से नाम कटने की आशंका ने आम मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुआ है, उन्हें अपने नाम को मतदाता सूची में सुनिश्चित कराने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए विशेष कैंपों में जाकर निर्धारित प्रपत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त पंकज वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनकी मैपिंग एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नहीं हो सकी थी। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस भेजकर उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम निर्वाचन सूची से हटने न पाए।

उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में निगम कार्यालय, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए गए हैं। इन कैंपों में चुनाव आयोग द्वारा मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत कर मतदाता अपनी पात्रता सिद्ध कर सकते हैं।

मथुरा-वृंदावन विधानसभा क्षेत्र संख्या 84 के मतदाताओं के लिए जनरल गंज स्थित नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग में विशेष कैंप लगाया गया है। यहां एआरओ (सहायक निर्वाचन अधिकारी) एवं बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) मौके पर मौजूद रहकर मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं। सुबह से ही यहां लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी नोटिस और दस्तावेज लेकर कैंपों में पहुंच रहे हैं।

कैंपों में पहुंचे कई मतदाताओं ने बताया कि उनका नाम वर्ष 2003 की निर्वाचन नामावली में दर्ज नहीं है, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किया गया है। ऐसे मतदाता अब जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज जमा कर अपनी पहचान वैध कराने की प्रक्रिया में जुटे हैं।

एडीएम वित्त पंकज वर्मा ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि 27 फरवरी निर्धारित की गई है, लेकिन मथुरा प्रशासन ने लक्ष्य तय किया है कि यह पूरी प्रक्रिया 5 से 6 फरवरी तक पूरी कर ली जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से वंचित न हो और भविष्य में चुनावी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

प्रशासन ने सभी संबंधित मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस को हल्के में न लें और समय रहते कैंप में पहुंचकर अपने दस्तावेज जमा करें। निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब न देने पर मतदाता सूची से नाम हटने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

ये 12 दस्तावेज होंगे मान्य

केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश

01 जुलाई 1987 से पहले भारत में जारी सरकारी/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी प्रमाण पत्र

सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र

पासपोर्ट

मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र

सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र

वन अधिकार प्रमाण पत्र

ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)

राज्य/स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर

सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र

आधार से संबंधित दस्तावेज (चुनाव आयोग के निर्देशानुसार)