नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद , पास्को कोर्ट का सख्त फैसला , 55 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया

मथुरा । नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो जज संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी अजय उर्फ मरुआ को आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक) और कुल 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सरकार की ओर से पैरवी कर रहीं स्पेशल डीजीसी (POCSO) कोर्ट श्रीमती अलका उपमन्यु एडवोकेट ने बताया कि यह मामला थाना फरह जनपद मथुरा का है। 17 अगस्त 2023 को अभियुक्त अजय उर्फ मरुआ के विरुद्ध अपराध संख्या 257/2023 धारा 376, 504, 506 IPC एवं 3/4 POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। थाना फरह क्षेत्र की एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ यह घटना घटित हुई। किशोरी की मां ने तहरीर में बताया कि बेटी की तबीयत खराब होने पर जब चिकित्सकीय जांच कराई गई तो पता चला कि वह गर्भवती है। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि गांव का ही अजय उर्फ मरुआ कई महीनों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।

परिजनों द्वारा आरोपी से शिकायत करने पर उसने पैसे देकर गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परिजनों ने थाना फरह में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। वहीं किशोरी ने अपने बयान में भी सभी आरोपों की पुष्टि की, जिसके बाद मामले में ठोस साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत हुए। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी। साथ ही अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश है कि ऐसे अपराधों पर कानून कोई नरमी नहीं बरतेगा।