मथुरा में ज्वैलर्स से करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश, दो शातिर ठग दबोचे

दिन में मोबाइल चोरी, रात में डिजिटल ठगी OTP से UPI एक्टिव कर ज्वैलर्स से उड़ाते थे लाखों

मथुरा। थाना कोतवाली पुलिस ने ज्वैलर्स के साथ डिजिटल ठगी कर सोने-चांदी की खरीद करने वाले संगठित गिरोह के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर माल गोदाम रोड के पास से अभियुक्त लविश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों अभियुक्त पंजाब के लुधियाना में रह रहे थे जबकि उनका मूल निवास उत्तर प्रदेश का है।
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों ने गूगल-पे, फोन-पे व पेटीएम जैसे यूपीआई माध्यमों से फर्जी ट्रांजेक्शन कर ज्वैलर्स से लाखों रुपये के सोने के सिक्के और आभूषण खरीदे, जिसके बाद संबंधित ज्वैलर्स के बैंक खाते सीज हो गए।
जांच के दौरान अभियुक्तों के पास से फर्जी आधार कार्ड मिलने पर मामले में धारा 111(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों अभियुक्तों ने पूछताछ में डिजिटल ठगी का चौंकाने वाला तरीका उजागर किया है। पुलिस के अनुसार यह दोनों एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं जो दिन में मोबाइल चोरी करते थे और चोरी किए गए फोन से सिम निकालकर दूसरे फोन में डालते थे।
इसके बाद ओटीपी मंगवाकर पेटीएम, फोन-पे और गूगल-पे जैसे यूपीआई एप सक्रिय कर दिए जाते थे। फिर गिरोह का एक सदस्य सक्रिय फोन लेकर बाजार निकलता और ज्वैलर्स की दुकानों से सोने-चांदी की खरीदारी कर ट्रांजेक्शन कर देता था। पहचान छुपाने के लिए अभियुक्त फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
24 दिसं 2025 को अभियुक्त वृंदावन-मथुरा क्षेत्र में आए थे और अलग-अलग ज्वैलर्स से लाखों रुपये के सोने के सिक्के और आभूषण खरीदे गए। ठगी का खुलासा तब हुआ जब ज्वैलर्स के बैंक खाते अचानक सीज हो गए।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय हो सकता है। मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।