मेरठ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। कपसाड़ गांव में बेटी को बचाने की कोशिश कर रही एक दलित मां को बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया और युवती को अगवा कर फरार हो गए। घटना के 48 घंटे बाद भी न तो बेटी का सुराग मिला है और न ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
बताया जा रहा है कि खेत जा रही मां-बेटी को रास्ते में घेरकर बदमाशों ने युवती को जबरन उठाने की कोशिश की। मां ने विरोध किया तो हमलावरों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। मां की मौत के बाद भी बदमाश बेटी को उठाकर फरार हो गए।
घटना के बाद पूरे इलाके में जबरदस्त तनाव है। दलित समाज में आक्रोश फूट पड़ा है और सड़कों पर विरोध की आशंका बढ़ गई है। कांग्रेस नेता उदित राज ने योगी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस जघन्य अपराध के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला? या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है?
समाजवादी पार्टी के नेता योगेश वर्मा ने इसे जंगलराज करार देते हुए कहा कि प्रशासन अब तक सिर्फ बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने मांग की कि आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो और बुलडोजर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है, इसका जवाब सरकार दे।
पुलिस के मुताबिक अगवा की गई युवती की उम्र करीब 20 वर्ष है। हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान पारस सोम और सुनील कुमार के रूप में हुई है जो उसी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।