बैलेट पेपर से चुनाव कराने की खुली चुनौती: वोट चोरी रैली में प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली । दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘वोट चोरी’ के विरोध में कांग्रेस की विशाल रैली में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खुले मंच से चुनौती देते हुए कहा कि यदि एक बार भी निष्पक्ष तरीके से बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव करा लिया जाए, तो भारतीय जनता पार्टी कभी जीत नहीं पाएगी। उनके इस बयान के बाद रैली का माहौल और अधिक गरमा गया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी को सीधी चुनौती देती हैं कि वह एक बार सही और निष्पक्ष चुनाव लड़कर दिखाए। बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर सत्तारूढ़ दल की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह सच्चाई स्वयं भारतीय जनता पार्टी भी जानती है कि वह ऐसे चुनाव में सफल नहीं हो सकेगी। रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संसद के भीतर जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी का मुद्दा उठाया, तो सरकार ने इस पर चर्चा से बचने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा करने के बजाय अन्य विषयों को आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा सरकार को जनहित के मुद्दों पर बात करने की हिम्मत नहीं है।
प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी को चुनाव आयोग की आवश्यकता इसलिए है, क्योंकि उसके बिना प्रधानमंत्री चुनाव नहीं जीत सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल के बीच सांठगांठ लोकतंत्र के लिए खतरा बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब पूरा विपक्ष एक स्वर में कह रहा है कि उसे चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं रहा। उनके अनुसार चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को संदिग्ध बना दिया गया है और देश की स्वतंत्र संस्थाओं को सरकार के सामने झुकने के लिए मजबूर किया गया है।
अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने तीन चुनाव आयुक्तों—ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—का नाम लेते हुए कहा कि देश इन्हें कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि चाहे सरकार इन्हें बचाने की कितनी भी कोशिश कर ले, एक दिन इन्हें देश की जनता को जवाब देना होगा कि किस प्रकार मतदाताओं के अधिकारों पर आघात किया गया और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश रची गई।
रैली में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रियंका गांधी के वक्तव्य का जोरदार समर्थन किया। ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर आयोजित इस रैली के माध्यम से कांग्रेस ने साफ संदेश दिया कि वह लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।