मथुरा। शहर के गिलट व्यापारी मनीष अग्रवाल के रहस्यमय तरीके से लापता हो जाने से सनसनी फैल गयी है । उनके परिजन बुधवार रात से उनकी तलाश कर रहे हैं। अभी तक कुछ भी पता नही लग सका है। शहर कोतवाली और गोविंद नगर थाने की पुलिस सीमा विवाद के कारण अब तक गुमशुदगी दर्ज नहीं कर पाई है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की है। इससे परिजनों और व्यापारियों में आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार चौक बाजार क्षेत्र निवासी गिलट व्यापारी मनीष अग्रवाल बुधवार शाम को अपने घर से स्कूटी पर निकले थे। कुछ समय पश्चात उनका फोन बंद हो गया और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। परिजनों ने रातभर संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह दोबारा खोजबीन के दौरान नए बस स्टैंड परिसर में मनीष की स्कूटी खड़ी मिली। स्कूटी में चाबी लगी हुई थी और डिक्की से मनीष की हाथ की घड़ी तथा मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। इन परिस्थितियों ने घटना को संदिग्ध बना दिया है। इसी बीच परिजनों ने बताया कि मनीष के मोबाइल फोन से उनके परिचित डॉक्टर अनुराग अग्रवाल वैद्य को एक व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया है। इस संदेश में डॉक्टर को मनीष की स्थिति का जिम्मेदार ठहराया गया है। यह संदेश मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है हालांकि पुलिस ने अभी तक इस पहलू पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। 
मनीष की बहन संध्या और भाई कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जब वे गुमशुदगी दर्ज कराने शहर कोतवाली पहुंचे, तो उन्हें गोविंद नगर थाना भेज दिया गया। वहीं, गोविंद नगर थाना पुलिस ने क्षेत्राधिकार शहर कोतवाली का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। दोनों थानों के बीच इस खींचतान के कारण परिजन पूरी रात और पूरा दिन परेशान होते रहे। इस घटना के बाद व्यापारी संगठन के सदस्य बड़ी संख्या में थाना परिसर पहुंच गए और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यापारी का पता नहीं लगाया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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