मथुरा। श्री कृष्ण जन्म भूमि के मुख्य मार्ग पर नगर निगम की अनावश्यक तोड़फोड़ के विरोध में धरने पर बैठे व्यापारियों का शनिवार सुबह तक किसी अधिकारी द्वारा संज्ञान ना लिए जाने पर व्यापारी आक्रोशित हो गए। शनिवार सुबह नगर उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में व्यापारी कृष्ण जन्म भूमि के द्वार पर इकट्ठा हुए। बड़ी संख्या में व्यापारी भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारी नारेबाजी करते हुए कार्यालय के अंदर पहुंचे और नगर आयुक्त के कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे व्यापारियों से अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह मिलने पहुँचे। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम के कर्मचारियों द्वारा जो लूट की गई वह निंदनीय है। ऐसा पहली बार हुआ है कि निगम के कर्मचारी दुकानों के अंदर से व्यापारियों का सामान और गल्ला तक उठा कर ले गए। नगर व्यापार मंडल के महामंत्री शशिभानु गर्ग ने कहा कि निगम के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के तोड़फोड़ करने पहुंच जाते हैं। अतिक्रमण का कोई व्यापारी समर्थन नहीं करता लेकिन जो सामान तय सीमा के अंदर लगा हुआ उस को नुकसान पहुँचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नगर व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष श्रीभगवान चतुर्वेदी ने निगम की टास्क फोर्स पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि आये दिन निगम की टास्क फोर्स के कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों से अतिक्रमण हटाने के नाम पर बदसलूकी की जाती है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया अपर आयुक्त सौरभ सिंह ने व्यापारियों की सभी मांगों को स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी अलोकतांत्रिक और दमनकारी कार्यवाही ना करने का आश्वासन दिया है। अपर आयुक्त के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए हैं।
इस दौरान राम चंद्र खत्री, मीनालाल अग्रवाल, गुरमुख दास, महावीर मित्तल, राजनारायण गौड़, रवि अग्रवाल, विकास जिंदल, प्रेम शंकर अग्रवाल, शरद चतुर्वेदी, महेश गुप्ता, लक्ष्मण दास कालरा, सचिन चतुर्वेदी, अश्वनी गर्ग, योगेश अग्रवाल, नरेंद्र चतुर्वेदी, विनोद अग्रवाल, महेश खंडेलवाल, श्याम सुन्दर अग्रवाल, अवधेश खंडेलवाल, ऋषि अग्रवाल, मिलन भाटिया, इंदु कश्यप सारस्वत, टीटू शर्मा, नीरज अग्रवाल, मोनू प्रजापति, राहुल पंडित आदि बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।