वाणी पर संयम आवश्यक
मनुष्य जीवन में मौन, मन की एक आदर्श व्यवस्था है। मौन का भाव है, मन का निस्पन्द होना। मन की चंचलता समाप्त होते ही मौन की दिव्य अनुभूति होने लगती है। मौन मन का एक दिव्य अलंकार है, जो इसके स्थिर हो जाने पर सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। मौन…
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