नई दिल्ली । ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और सऊदी अरब पर इराक में किए गए हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा कि इन कार्रवाइयों का मकसद पश्चिम एशिया में युद्ध और संघर्ष को और फैलाना है। भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”ईरान के इस्लामी गणराज्य का विदेश मंत्रालय अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से इराक के कई इलाकों में किए गए आक्रामक हमलों की कड़ी निंदा करता है। इन हमलों में इराक की आधिकारिक संस्थाओं से जुड़ी सुविधाओं और जगहों को निशाना बनाया गया, साथ ही अरबईन तीर्थ यात्रा के जुलूसों (मवाकिब) और तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए बनाए गए केंद्रों पर भी हमले किए गए।”
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन हैं। ये संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का भी साफ तौर पर उल्लंघन करते हैं। ये कार्रवाई अमेरिका और जायोनी शासन के उन उद्देश्यों के अनुरूप है, जिनका मकसद पश्चिम एशिया में युद्ध और संघर्ष को और फैलाना है। मंत्रालय ने कहा कि इन आक्रामक कार्रवाइयों में कई निर्दोष इराकी लोगों की मौत पर विदेश मंत्रालय अपनी संवेदना व्यक्त करता है। साथ ही, वह इराक की सरकार और जनता के साथ ईरान के इस्लामी गणराज्य के पूरे समर्थन और एकजुटता को दोहराता है।
मंत्रालय ने कहा कि वह इन खतरनाक, अमानवीय और उकसावे वाली कार्रवाइयों के लिए युद्ध को बढ़ावा देने वाले अमेरिकी शासन और क्षेत्र में उसके सहयोगियों को पूरी तरह जिम्मेदार मानता है। इन कदमों के गंभीर परिणामों की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) ने दावा किया है कि अमेरिका और सऊदी अरब के हवाई हमलों में उसके 20 लड़ाके मारे गए हैं, जबकि 32 अन्य घायल हुए हैं। पीएमएफ ने बताया कि इन हवाई हमलों में इमारतों, वाहनों और सैन्य उपकरणों को भी अलग-अलग स्तर पर नुकसान पहुंचा है।