मुंबई । अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में हुई प्रगति ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को राहत दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इस वैश्विक बदलाव से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीद जगी है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों ने 27 जून को जारी अपने नवीनतम दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार घटती कीमतों ने घरेलू उपभोक्ताओं में राहत की आस जगाई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो सकते हैं। हालांकि, वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों के कारण यह स्थिरता कब तक बनी रहेगी, इस पर सबकी निगाहें हैं। आज 27 जून 2026 को जारी नए रेट्स के अनुसार, तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने आम जनता पर ईंधन के बढ़ते दामों का भारी बोझ पड़ा था। 25 मई को हुई आखिरी बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल करीब 7.50 रुपये और डीजल लगभग 7.60 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया था, जो चार साल बाद दर्ज की गई सबसे बड़ी वृद्धि थी। इसी कड़ी में, सीएनजी और एलपीजी के दामों में भी इजाफा हुआ है। दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर मार्च से जून 2026 के बीच दो बार बढ़कर 942 रुपये का हो चुका है। अब देखना होगा कि वैश्विक नरमी का लाभ आम जनता को कब मिलता है।