मुंबई । इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने सोमवार को अपनी बैठकों के खत्म होने के बाद कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। ये बैठकें रविवार को अहमदाबाद में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के फाइनल मैच (GT Vs RCB) के दौरान आयोजित की गई थीं। आईसीसी ने इस दौरान कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनका मुख्य उद्देश्य क्रिकेट के प्रशासन को मजबूत करना, महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं को बेहतर बनाना है। आईसीसी बोर्ड ने मुख्य अधिकारियों की बैठक से मिले सुझावों को भी मंजूरी दे दी है। आइए इन प्रमुख बदलावों और फैसलों को आसान शब्दों में समझाते हैं….
खेल के नियमों में हुए कई बड़े बदलाव
पिंक बॉल का ट्रायल: टेस्ट मैचों में खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या से निपटने के लिए पिंक बॉल का इस्तेमाल करने का ट्रायल किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए मैच या सीरीज शुरू होने से पहले दोनों टीमों की आपसी सहमति होना जरूरी है।
हॉक-आई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: मैच अधिकारी अब किसी गेंदबाज के गलत बॉलिंग एक्शन (चोटिल या संदेहास्पद एक्शन) की रिपोर्ट करते समय ‘हॉक-आई’ डेटा की मदद ले सकेंगे।
रोशनी की तकनीक पर रिसर्च: खराब रोशनी की वजह से खेल में आने वाली रुकावटों को कम करने के लिए स्टेडियमों की लाइटिंग टेक्नोलॉजी पर रिसर्च की जाएगी। इसके लिए आईसीसी और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब मिलकर काम करेंगे।
रणनीति के लिए समय: मैच के दौरान तय ‘ड्रिंक्स ब्रेक’ में अब हेड कोच या उनके प्रतिनिधि अपनी टीम के खिलाड़ियों से मैदान पर बातचीत कर सकेंगे।
T20I में नया नियम: टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अब 15 मिनट का ब्रेक लेना अनिवार्य होगा और ब्रेक खत्म होते ही बल्लेबाजों को तुरंत खेलने के लिए तैयार रहना होगा।
लेग-साइड वाइड और नए नियम: ‘लेग-साइड वाइड’ के ट्रायल नियम को अब हमेशा के लिए लागू कर दिया गया है। वहीं, एमसीसी के क्रिकेट नियमों में बाकी के अन्य बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।