कान्हा की नगरी अब बनेगी इंडस्ट्रियल हब: ‘प्लेज’ योजना से मथुरा में उद्योगों की नई क्रांति
मथुरा बन रहा धार्मिक नगरी से औद्योगिक केंद्र
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ औद्योगिक विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘कान्हा की नगरी’ मथुरा, जो अब तक अपनी आध्यात्मिक पहचान के लिए जानी जाती थी, अब ‘प्लेज’ योजना के जरिए औद्योगिक हब के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। इस योजना के तहत निजी निवेश को बढ़ावा देकर हजारों रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
जैंत में बन रहा ‘वृंदावन इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क’
सरकार की प्रमोटिंग लीन मैन्युफैक्चरिंग एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत मथुरा के जैंत क्षेत्र में ‘वृंदावन इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क’ का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह पार्क वृंदावन डेवलपर एंड इंडस्ट्रियल प्रमोटर द्वारा 17.5 एकड़ निजी भूमि पर विकसित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 4.37 करोड़ रुपये है।
इस आधुनिक औद्योगिक पार्क में कुल 61 प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं, जहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को प्राथमिकता दी जाएगी।
मात्र 1% ब्याज पर ऋण से निवेश को बढ़ावा
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। योजना के तहत पार्क विकसित करने वाले उद्यमियों को मात्र 1% वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपायुक्त उद्योग चन्द्रभान सिंह के अनुसार, सरकार का उद्देश्य निजी भागीदारी के जरिए मजबूत औद्योगिक ढांचा तैयार करना है। जैंत क्षेत्र की लोकेशन दिल्ली-आगरा हाईवे के पास होने के कारण उद्योगों के लिए बेहद उपयुक्त मानी जा रही है। इस सुविधा से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का तेजी से विकास हो रहा है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, पलायन पर लगेगा ब्रेक
वृंदावन के जैंत क्षेत्र में विकसित हो रहा यह औद्योगिक क्लस्टर मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर आधारित होगा। इससे स्थानीय स्तर पर कुशल और अकुशल दोनों प्रकार के श्रमिकों को रोजगार मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन भी कम होगा।
पूरे प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक पार्क
गौरतलब है कि ‘प्लेज’ योजना के तहत उत्तर प्रदेश के कई जिलों—झांसी, हापुड़, संभल, अलीगढ़, सहारनपुर, कानपुर देहात, बागपत, बरेली, गाजियाबाद, मेरठ, बाराबंकी, लखनऊ, वाराणसी, चंदौली, एटा आदि में निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत निवेशक 10 से 50 एकड़ तक की भूमि पर अपने औद्योगिक पार्क स्थापित कर सकते हैं।
धर्म के साथ उद्योग में भी चमकेगा मथुरा
प्रशासन की सक्रियता और सरकार के वित्तीय सहयोग से मथुरा अब केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि एक उभरता हुआ औद्योगिक शहर बनकर नई पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।