बांके बिहारी मंदिर में सुगम हुए दर्शन: स्टील रेलिंग से थमी अफरातफरी, श्रद्धालुओं ने जताया संतोष

​वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में अब भक्तों को आराध्य के दर्शन के लिए घंटों की मशक्कत और धक्का-मुक्की से निजात मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड कमेटी की पहल पर मंदिर परिसर में लगाई गई नई स्टील रेलिंग के चलते दर्शन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है।

​तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि रेलिंग लगने के बाद भीड़ अब कतारबद्ध होकर आगे बढ़ रही है। पहले जहां गर्भगृह के सामने भारी दबाव के कारण अफरातफरी का माहौल रहता था, वहीं अब श्रद्धालु बिना किसी अड़चन के शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर पा रहे हैं।
हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंदिर में व्यवस्थाओं को और अधिक आधुनिक और सुलभ बनाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

​कमेटी के सचिव और जिलाधिकारी सीपी सिंह ने व्यवस्था का जायजा लेते हुए बताया कि स्टील रेलिंग लगने से अब दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। भीड़ का दबाव गलियारों में समान रूप से बंट गया है जिससे प्रवेश और निकास की प्रक्रिया सुगम हुई है।
​श्रद्धालुओं का अनुभव: > मंदिर आए भक्तों का कहना है कि रेलिंग लगने से न केवल धक्का-मुक्की बंद हुई है, बल्कि अब वे परिवार और बच्चों के साथ सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी इस बदलाव को सकारात्मक बता रहे हैं।

मुख्य आकर्षण एवं सुधार:
​व्यवस्थित कतारें: स्टील रेलिंग के माध्यम से ‘जिग-जैग’ कतार प्रणाली लागू की गई है।
​सुरक्षा में वृद्धि: भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ रेलिंग एक सुरक्षा कवच का काम कर रही है।

कमेटी द्वारा हर पर्व और विशेष अवसर पर भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की जा रही है। ​बांके बिहारी मंदिर में हुए इन सुधारों ने यह साबित कर दिया है कि उचित प्रबंधन और इच्छाशक्ति से आस्था के सैलाब को भी सुव्यवस्थित किया जा सकता है।