संसद से 3 KM दूर ‘नर्क’: इंजेक्शन देकर बच्चियों को बनाया जा रहा जवान
राज्यसभा में सांसद स्वाति मालीवाल ने जीबी रोड की भयावहता पर सरकार को घेरा; कहा- कोठों पर 5000 महिलाओं का रोज़ हो रहा शोषण
मुख्य संवाददाता
नई दिल्ली | देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह ‘संसद भवन’ से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जीबी रोड के कोठों की सच्चाई ने आज राज्यसभा को झकझोर कर रख दिया। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सदन में शून्यकाल के दौरान राजधानी के इस ‘ब्लैक होल’ का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए बताया कि किस तरह कानून की नाक के नीचे नाबालिग बच्चियों की जिंदगी को खत्म किया जा रहा है।
ऑक्सीटोसिन का जानलेवा खेल
मालीवाल ने एक रोंगटे खड़े करने वाले वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि तस्करी कर लाई गई मासूम बच्चियों को जल्दी ‘बड़ा’ दिखाने के लिए उन्हें रोजाना Oxytocin (ऑक्सीटोसिन) के इंजेक्शन दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “एक 15 साल की बच्ची को हमने रेस्क्यू किया, जिसे सालों से हार्मोनल इंजेक्शन दिए जा रहे थे ताकि उसका शरीर समय से पहले विकसित हो जाए और उसे देह व्यापार के धंधे में धकेला जा सके।”
सिस्टम की पोल: शेल्टर होम से गायब हो रही हैं बच्चियां
सांसद ने पुनर्वास व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बचाई गई लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। कई लड़कियां सरकारी सहायता गृहों से संदिग्ध रूप से गायब हो रही हैं, जो सीधे तौर पर माफिया और भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
[कड़वा सच]
न्याय की सुस्त रफ्तार (2023 के आंकड़े)
3,00,000+: देश भर में लंबित पॉक्सो (POCSO) मामले।
14 प्रतिशत: सजा की दर (Conviction Rate), यानी 86% अपराधी बच रहे हैं।
90 कोठे: अकेले दिल्ली के जीबी रोड इलाके में संचालित।
5,000+: महिलाएं और लड़कियां जो वहां रोज़ाना शोषण का शिकार हो रही हैं।
मालीवाल ने सदन के सामने रखे 5 बड़े सुझाव:
फास्ट ट्रैक कोर्ट: पॉक्सो के मामलों के लिए अदालतों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए।
स्पा-रेगुलेशन: अवैध स्पा और मसाज पार्लरों की आड़ में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे पर कड़ी निगरानी।
फॉरेंसिक लैब: साक्ष्यों की जांच के लिए हर जिले में उन्नत फॉरेंसिक सुविधाएं।
जवाबदेही: अगर शेल्टर होम से लड़की गायब होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर हो।
पुलिस पेट्रोलिंग: जीबी रोड जैसे इलाकों में सीसीटीवी और पुलिस की जवाबदेही तय हो।
”संसद से चंद दूरी पर हजारों महिलाओं की चीखें दफन हैं। यह सिर्फ दिल्ली का मुद्दा नहीं, पूरे देश के लिए शर्मिंदगी की बात है। क्या हम अपनी बेटियों को एक सुरक्षित समाज देने में इतने लाचार हैं?”
— स्वाति मालीवाल, राज्यसभा सांसद