वृंदावन में ‘गुंडागर्दी’ पर उतरी महिला गैंग? बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर विवाद में अब सीधे ‘खूनी’ धमकी!

​वृंदावन । धर्म की नगरी वृंदावन से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और शर्मनाक खबर सामने आ रही है! जहां एक तरफ ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी दिन-रात जुटी है वहीं दूसरी तरफ कुछ अराजक तत्वों ने अब ‘सीधे टकराव’ का रास्ता चुन लिया है। मामला अब केवल विरोध का नहीं रहा बल्कि खुलेआम जान से मारने, घर फूंकने और जूतों से पीटने की धमकी तक पहुंच गया है! ​पीड़ित कमेटी सदस्य दिनेश गोस्वामी के घर पर जो हुआ उसने पूरे वृंदावन के प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। 15 फरवरी की दोपहर को ‘रेनू गोस्वामी’ नाम की महिला करीब 15 महिलाओं के साथ दिनेश गोस्वामी के आवास के नीचे स्थित पार्लर में जबरन घुस गई।
​आरोप है कि वहां मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा गया— “वृंदावन आए तो जूतों से मारेंगे और घर में आग लगा देंगे!” कैमरे में अंकित गोस्वामी और राजू गोस्वामी जैसे नामजद आरोपियों की तस्वीरें कैद हुई हैं। सवाल यह है कि क्या कॉरिडोर विरोध की आड़ में अब महिलाओं को ‘शील्ड’ बनाकर दबंगई की जाएगी? क्या सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के सदस्य अब अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं?

​यह हमला सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना है! दिनेश गोस्वामी का साफ कहना है कि क्योंकि वह मंदिर की वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं और मनमानी पर लगाम कस रहे हैं, इसीलिए कुछ खास ‘सेवायत परिवार’ बौखला गए हैं। 17 फरवरी को हाई पावर कमेटी की अहम बैठक होनी है।​ बैठक से ठीक पहले सदस्य को डराकर उन्हें घर में कैद रहने पर मजबूर करना।​ अगर सदस्य डरे, तो सुधार रुकेगा और फायदा सीधा उन लोगों को होगा जो मंदिर की भीड़ और अव्यवस्था से अपनी जेबें भर रहे हैं!

​​यह पहली बार नहीं है! इससे पहले ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के दर्शन में अड़ंगा डालना हो या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर हंगामा—एक खास ‘गैंग’ लगातार मंदिर की छवि धूमिल करने पर आमादा है। क्या मथुरा प्रशासन इन ‘कथित’ महिला गैंगों और उनके पीछे छिपे आकाओं के सामने सरेंडर कर चुका है? अगर एक वरिष्ठ नागरिक और कोर्ट द्वारा नियुक्त सदस्य सुरक्षित नहीं है, तो आम श्रद्धालु का क्या होगा?

​पीड़ित ने साफ तौर पर जान-माल की सुरक्षा और सीसीटीवी के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस केवल हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी या इन ‘दबंगों’ को बांके बिहारी के दरबार से दूर कर जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी?