श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर गूंजा संघ का घोष , स्वरों से गुंजायमान हुआ लीला मंच

​मथुरा । अखिल भारतीय घोष दिवस एवं महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मथुरा महानगर के घोष वादक स्वयंसेवकों ने योगीराज भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि स्थित लीला मंच पर अपनी स्वर लहरियों का भव्य प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ परम पवित्र भगवा ध्वज के आरोहण और ध्वज प्रणाम के साथ हुआ, जिसके बाद स्वयंसेवकों ने घोष वादन करते हुए भगवान केशवदेव की परिक्रमा की।

​स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सह-विभाग कार्यवाह डॉ. संजय ने घोष के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में घोष का सर्वप्रथम आगाज़ भगवान शंकर ने अपने डमरू के माध्यम से किया था, इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए संघ महाशिवरात्रि को ‘घोष दिवस’ के रूप में मनाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि जन्मभूमि के प्रांगण में संघ के घोष की गूंज देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को आनंदित और गौरवान्वित करती है।

​महानगर कार्यवाह विजय बंटा सर्राफ के संचालन में घोष वादकों ने विभिन्न रचनाओं का सधे हुए अंदाज में वादन किया। कार्यक्रम के दौरान ​ ‘सारे जहाँ से अच्छा’, ‘जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है’ और ‘विश्व गगन पर फिर से गूंजे भारत मां की जय-जय’ का उद्घोष हुआ। ​कार्यक्रम का समापन संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि’ और देशभक्ति गीतों के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. संजय, कपिल शर्मा, विजय बंटा, ललित कुमार, विजय बहादुर, सीताराम, विवेक, सचिन पंडित, शुभ सक्सेना, गौरव जैन और समर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।