वृंदावन में सिद्ध विनायक होटल सील, आवासीय नक्शे पर हुआ था होटल का निर्माण

नक्शा स्वीकृत करने वाले अवर अभियन्ताओ से स्पष्टीकरण तलब

वृंदावन। रुक्मणि बिहार आवासीय योजना में आवासीय भवन के नाम पर होटल का निर्माण एवं संचालन किए जाने के मामले में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल सिद्ध विनायक को सील कर दिया है। ज्ञात रहे कि इस होटल में बुधवार दोपहर 4:00 बजे करीब भीषण आगजनी हो गई थी जिस कारण कई लोगों की जान जाते-जाते बची । आगजनी की सूचना मिलते ही पूरे रूकमणि विहार क्षेत्र में हड़कंप मच गया था और जिलाधिकारी सीपी सिंह को दलबल के साथ मौके पर पहुंचना पड़ा।
प्राधिकरण सचिव के अनुसार भूखंड संख्या एस-1/108 का नक्शा आवासीय भवन के रूप में स्वीकृत कराया गया था जबकि मौके पर व्यावसायिक उपयोग करते हुए होटल का संचालन किया जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करते हुए पार्किंग स्थल पर हॉल व कमरे बना दिए गए तथा सेटबैक नियमों का भी उल्लंघन किया गया।
मामले में यह भी सामने आया कि संबंधित मानचित्र वर्ष 2024 में तत्कालीन अभियंताओं द्वारा स्वीकृत किया गया था। इस संबंध में प्राधिकरण द्वारा अवर अभियंता दिनेश गुप्ता, मनोज अग्रवाल एवं अनिल सिंघल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सीपी सिंह ने पूरे मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट को सौंप दी है। नगर मजिस्ट्रेट यह जांच करेंगे कि अग्निशमन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एनओसी किस आधार पर जारी की गई तथा आवासीय मानचित्र के विपरीत होटल संचालन की अनुमति कैसे मिली। इसके साथ ही यह भी जांच होगी कि विकास प्राधिकरण में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कैसे किया गया और इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही।
एमवीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर रुक्मणि बिहार एवं चैतन्य विहार आवासीय योजनाओं में आवासीय उपयोग के विपरीत निर्मित एवं संचालित भवनों की जांच के लिए अभियंताओं की विशेष टीम गठित की गई है। टीम द्वारा ऐसे सभी भवनों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण सचिव आशीष कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियम विरुद्ध हैं। उल्लंघन पाए जाने पर भवन सील करने के साथ संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।