यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसों पर लगेगा ब्रेक, मण्डलायुक्त व डीआईजी की हाईलेवल बैठक, बिना परमिट नहीं चलेंगे वाहन
मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मण्डलायुक्त नगेन्द्र प्रताप और पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय द्वारा मांट टोल प्लाजा पर यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एसपी यातायात मनोज कुमार, क्षेत्राधिकारी मांट संदीप सिंह सहित यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के अधिकारी उपस्थित रहे।
मण्डलायुक्त ने दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगरा-नोएडा एक्सप्रेस वे पर चलने वाले भारी वाहनों के परमिट की वैधता की जांच की जाए। जिन वाहनों के पास वैध परमिट नहीं होगा उन्हें एक्सप्रेस वे से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। टोल प्लाजा पर स्कैनर एवं वाहन परमिट डाटाबेस से जुड़े सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए जाएं, जिससे बिना परमिट वाहन गुजरते ही अलर्ट मिल सके।
उन्होंने एक्सप्रेस वे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर गाइडलाइंस व हेल्पलाइन नंबर अंकित करने तथा बड़े साइनेज बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि एक्सप्रेस वे किनारे बने फूड हब प्वाइंट पर भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं है। इस पर मण्डलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने निर्देश दिए कि एक्सप्रेस वे किनारे स्थान चिन्हित कर बस एवं ट्रक ले-बाय बनाए जाएं और उनका संचालन पीपीपी मोड पर कराया जाए।
एक्सप्रेस वे पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहनों का लगातार संचालन किया जाए। किनारे लगी तार फेंसिंग की पूरी जांच कर कटी-फटी फेंसिंग को दुरुस्त कराया जाए। पूरे यमुना एक्सप्रेस वे को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस उप महानिरीक्षक ने यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की और निर्देश दिए कि ओवरलोड व ओवरस्पीड वाहनों के विरुद्ध जुर्माना सहित सख्त कार्रवाई की जाए। इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट को क्रियाशील बनाया जाए। डबल डेकर एवं स्लीपर बसें मानकों के अनुरूप हों मानकों के विपरीत चलने वाली बसों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से समन्वय कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने निर्देश दिए कि सभी अवैध कट बंद किए जाएं, फेंसिंग दुरुस्त कराई जाए, प्रकाश व्यवस्था बढ़ाई जाए तथा पीआरवी की गश्त तेज की जाए।