यूजीसी कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे सवर्ण संगठन, क्षत्रिय राजपूत सभा का मथुरा में जोरदार प्रदर्शन

मथुरा। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून के विरोध में गुरुवार को मथुरा में क्षत्रिय राजपूत सभा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देवीपुरा बाजना बाटी रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन पर आयोजित किया गया, जिसकी अगुवाई ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत सभा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मुकेश सिंह सिकरवार ने की।
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी कानून को “काला कानून” बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में भी नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून जनरल वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने यह कानून सामान्य वर्ग के युवाओं पर थोप दिया है, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए सीओ रिफाइनरी, थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक, चौकी इंचार्ज सतोहा तथा चौकी इंचार्ज आजमपुर पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे, ताकि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मुकेश सिंह सिकरवार ने कहा कि जनरल वर्ग पर पहले से ही एससी-एसटी एक्ट जैसा कानून लागू है, जिसके तहत कई निर्दोष लोगों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इसके अधिकांश मामले फर्जी पाए गए हैं और इससे जुड़े आंकड़े उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि अब यूजीसी कानून के रूप में एक और नया कानून लाकर सामान्य वर्ग के युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इससे युवा वर्ग भय के माहौल में जीने को मजबूर होगा और स्कूल-कॉलेज जाने से भी कतराएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया, तो क्षत्रिय राजपूत सभा सहित सभी सवर्ण संगठनों द्वारा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज हो सकता है।