मथुरा की चौपाल में उलझे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री
बारिश के बीच UGC कानून पर भड़की जनता सवालों में घिरे अरुण सिंह
मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह का मथुरा दौरा सियासी हलकों में हलचल लेकर आया लेकिन सरकार की उपलब्धियां गिनाने आई चौपाल सवालों के घेरे में फंस गई। राम मंदिर और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बातों के बीच अचानक शिक्षा नीति और यूजीसी कानून का मुद्दा छा गया। बारिश से व्यवस्था जरूर बिगड़ी लेकिन असली तूफान जनता के सवालों ने खड़ा किया।
चौपाल का आयोजन ग्रामीणों को सरकार की नीतियां समझाने के लिए किया गया था। अरुण सिंह ने अपने संबोधन में पार्टी की विचारधारा और उपलब्धियों का बखान किया। लेकिन जैसे ही संवाद शुरू हुआ युवाओं और ग्रामीणों ने सीधे यूजीसी के नए नियमों पर सवाल दाग दिए। लोगों ने साफ कहा कि मौजूदा कानून छात्रों के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए या इसमें बड़ा बदलाव होना चाहिए।
जनता के तीखे सवालों से अरुण सिंह असहज नजर आए। वह ठोस जवाब देने की जगह केवल आश्वासन देते रहे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ऊपर स्तर पर बात चल रही है और सरकार गंभीर है। उनके इन जवाबों से लोग संतुष्ट नहीं हुए और चौपाल में असंतोष खुलकर सामने आ गया।
बारिश ने भी कार्यक्रम की सूरत बिगाड़ दी। पंडाल में अव्यवस्था फैल गई। इसके बावजूद लोग अपनी बात पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें भाषण नहीं चाहिए उन्हें शिक्षा और रोजगार पर स्पष्ट नीति चाहिए। इस दौरान उनके संग गोवर्धन की विधायक मेघ श्याम सिंह और भाजपा महानगर अध्यक्ष राजू यादव नजर आए।