मन को संतुलित करने का प्रभावी माध्यम है ध्यान
बसंत पंचमी पर हार्टफुलनेस द्वारा भव्य आध्यात्मिक समारोह का आयोजन
मथुरा। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर-3 के समीप गोविंद नगर स्थित हार्टफुलनेस संस्था के ध्यान केंद्र में एक भव्य आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राणाहुति आधारित ध्यान पद्धति से सनराइज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। समारोह के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के आदि गुरु पूज्य श्री लालाजी महाराज जी की जयंती भी आध्यात्मिक वातावरण में श्रद्धा और दिव्यता के साथ मनाई गई।
समारोह में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सूरज पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि
“ध्यान मन को संतुलित और नियंत्रित करने का सशक्त माध्यम है। आज के तनावपूर्ण वातावरण में बच्चों और युवाओं को ध्यान की सबसे अधिक आवश्यकता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यदि वे मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें, तो जीवन की किसी भी परीक्षा में वे सहजता से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
नवनिर्मित ध्यान केंद्र में आयोजित इस आध्यात्मिक समारोह के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के वैश्विक मुख्यालय ‘कान्हा’, हैदराबाद से ध्यान सत्र का सजीव प्रसारण किया गया। इस सत्र का मार्गदर्शन संस्था के ग्लोबल गाइड एवं पद्म भूषण से सम्मानित कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ ने किया। वर्चुअल माध्यम से देश-विदेश से हजारों साधक एक साथ इस ध्यान सत्र से जुड़े और सामूहिक रूप से ध्यान किया। बसंत पंचमी के अवसर पर दाजी द्वारा दिए गए विशेष संदेश का भी प्रसारण किया गया।
उल्लेखनीय है कि मथुरा स्थित इस ध्यान केंद्र का उद्घाटन 15 जून 2025 को स्वयं कमलेश डी. पटेल दाजी द्वारा किया गया था। समारोह में हार्टफुलनेस के आदि गुरु पूज्य लालाजी महाराज की स्मृतियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
इस अवसर पर मथुरा केंद्र के साधकों के साथ-साथ लखनऊ से आए हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों की विशेष उपस्थिति रही। ये प्रशिक्षक जिला प्रशासन मथुरा एवं उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए आयोजित ‘दिव्य जननी प्रशिक्षण कार्यक्रम’ के संचालन हेतु मथुरा पहुंचे हैं।
कार्यक्रम का आयोजन हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। ट्रस्ट की प्रोग्राम डायरेक्टर शालिनी महरोत्रा ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 24 जनवरी 2026 तक मथुरा जिले के सभी ब्लॉकों में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतर्गत रिलैक्सेशन, मेडिटेशन एवं प्रार्थना आधारित सत्र शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान कर सकेंगी, जिससे समाज में सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।