अबीर-गुलाल में सराबोर ब्रज, 40 दिन चलेगा आनंद का महासमर
‘रंगोत्सव-2026’ से सजेगी कान्हा की नगरी, योगी सरकार की भव्य तैयारी, 23 भव्य द्वारों से होगा ब्रज में स्वागत
मथुरा। कान्हा की नगरी ब्रज एक बार फिर रंग, रस और भक्ति के अलौकिक उत्सव में डूबने जा रही है। यहां होली केवल एक दिन का पर्व नहीं, बल्कि 40 दिनों तक चलने वाला आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महासमर है, जिसकी शुरुआत बसंत पंचमी से हो जाती है। हवाओं में घुलती अबीर-गुलाल की खुशबू, मंदिरों में गूंजते फाग और गलियों में उमड़ता उल्लास—ब्रज की होली दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखती है।
ब्रज की इसी अद्भुत परंपरा को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रतिष्ठा दिलाने के लिए योगी सरकार ने इस वर्ष ‘रंगोत्सव-2026’ को ऐतिहासिक बनाने की ठान ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन पूरी ताकत के साथ तैयारियों में जुटा है। इस रंगोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक ब्रज पहुंचेंगे।
रंगोत्सव-2026 के तहत मथुरा जनपद में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 23 भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इनमें बरसाना (5), नंदगांव (4), मथुरा (5), रावल, गोकुल, बलदेव और फालैन (2-2) तथा महावन (1) शामिल है। ये द्वार ब्रज की सांस्कृतिक विरासत और कृष्ण-राधा लीला की झलक प्रस्तुत करेंगे।
इसके साथ ही 25 सांस्कृतिक मंच बनाए जाएंगे, जहां फाग, रसिया, होली लोकनृत्य और ब्रज की परंपरागत प्रस्तुतियां होंगी। पर्यटकों के आकर्षण के लिए 12 सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं।
इस बार रंगोत्सव में प्रकाश व्यवस्था विशेष आकर्षण होगी। बरसाना का राधा रानी मंदिर और नंदगांव का नंद मंदिर भव्य फसाड लाइटिंग से जगमगाएंगे। इसके अलावा होली गेट, विश्राम घाट, संकेत मंदिर, गाजीपुर मंदिर, रावल का राधा रानी मंदिर, गोकुल का नंद किला, फालैन का प्रहलाद मंदिर और बलदेव का दाऊजी मंदिर भी रंगीन रोशनी से नहाएंगे।
रंगोत्सव केवल रंगों का नहीं, बल्कि ब्रज की आत्मा—उसकी लोक कला और संस्कृति का उत्सव है। 24 और 25 फरवरी को बरसाना स्थित राधा बिहारी इंटर कॉलेज में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक आयोजन होगा। इसमें 70 से अधिक सांस्कृतिक दलों के 800 से ज्यादा कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से ब्रज की परंपरा को जीवंत करेंगे। स्थानीय कलाकारों को खास मंच देकर संस्कृति संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।
ब्रज होली का सबसे बड़ा आकर्षण बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली है, जो इस वर्ष 25 फरवरी 2026 को खेली जाएगी। इससे एक दिन पहले 24 फरवरी को राधा रानी मंदिर में लड्डू होली होगी, जहां भक्तों पर प्रसाद रूपी लड्डुओं की वर्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं ब्रज की होली में गहरी रुचि रखते हैं और पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी संतों के साथ रंगोत्सव में शामिल हो सकते हैं। प्रशासन को साफ निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए।