मथुरा। भारतीय चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर द्वारा 30 और 31 अगस्त को लखनऊ में 2 दिवसीय खाद्य और कृषि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बागवानी, कृषि, किसानों की आय दोगुनी करने, एग्रीटेक स्टार्टअप्स संयुक्त उपक्रमों और वैश्विक सहयोग पर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया जिसमें उन्होंने फसलों में मूल्य संवर्धन किसानों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और परिवहन में वृद्धि किसानों की औसत भूमि धारणा में गिरावट जैसी चुनौतियों से निपटने पर बात की।
सम्मेलन के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 21 प्रतिष्ठित संस्थानों को पुरस्कार दिए गए जिन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए अमिट योगदान दिया है। मथुरा के डॉ (सीए) विकास चतुर्वेदी, वैल्यूसेंट ग्रुप के सीईओ को उत्तर प्रदेश के लिए व्यवसाय बढ़ाने और यूरोप और उत्तर प्रदेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व पुरस्कार मिला।
डॉ चतुर्वेदी ने बीज वैली पार्क, कृषि उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने और किसानों और एफपीओ को यूरोप में निर्यात बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा की। अन्य प्रमुख पुरस्कार विजेताओं में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आईआईटी रोपड़ डीसीएम श्रीराम धनुका एग्रीटेक ग्रामिक एवीपीएल इंटरनेशनल आदि शामिल थे।
नीदरलैंड में स्थित डॉ चतुर्वेदी एक वैश्विक व्यवसायी हैं जो भारत के साथ व्यवसाय बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत में निवेश जुटाने के लिए 8 से अधिक राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है। डॉ चतुर्वेदी शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सलाहकार हैं और आईसीएआई नीदरलैंड असोसचम यूरोप और इंडो-डच वित्तीय गलियारे सहित अन्य के संस्थापक अध्यक्ष हैं।
इस कार्यक्रम में डॉ एम जे खान आईसीएफए के अध्यक्ष मुकेश सिंह आईएफसीए यूपी अध्यक्ष तुषार शर्मा आईएफसीए यूपी निदेशक यूपी बीज विकास निगम के निदेशक कृषि निदेशक आईसीएआर निदेशक नाबार्ड निदेशक नामीबिया से उच्चायुक्त जांबिया से व्यापार के प्रथम सचिव और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित थे। डॉ.चतुर्वेदी डैम्पियर नगर निवासी समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चतुर्वेदी के पुत्र हैं।
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.