टैक्स एक्सपर्ट और बहुराष्ट्रीय आई टी कंपनी इन्फोगेन के ग्लोबल टैक्स हैड सी ए समीर अग्रवाल ने बजट 2024 पर विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बार उम्मीद लगाकर बैठे मिडिल क्लास और आयकर दाताओं को सरकार ने दो बड़ी राहत दी है। जहां एक तरफ तो नौकरीपेशा लोगों के लिए नई टैक्स व्यवस्था में मानक कटौती को 50000 रूपए से बढ़ाकर 75000 रुपए कर दिया गया है और टैक्स की दरों और स्लैब्स में भी अनुकूल परिवर्तन किया गया है जिससे कि नई टैक्स व्यवस्था को अपनाने वाले करदाताओं को करीब 17500 रुपए की टैक्स छूट मिलेगी और इस तरह से 775000 रुपए तक की इनकम अब पूरी तरह से कर मुक्त होगी। इसी तरह से जिन करदाताओं को पारिवारिक पेंशन मिल रही है इनकी मानक कटौती को भी 15000 से बढ़ाकर 25000 रूपये कर दिया गया है।
सी ए समीर अग्रवाल के अनुसार वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार में रुचि रखने वाले करदाताओं को निराशा हाथ लगी है क्योंकि शेयरों से होने वाले लम्बी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर दर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है और यदि यह अल्प अवधि का पूंजीगत लाभ है तो यह दर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दी गई है। शेयर्स पर होने वाला पूंजीगत लाभ जो कि पहले एक लाख रुपए तक करमुक्त था उसकी भी सीमा एक लाख से वृद्धि करके 1.25 लाख कर देने से आंशिक राहत मिल सकेगी।
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले जिन करदाताओं ने राष्ट्रीय पेंशन स्कीम ले रखी है उनके लिए भी अंशदान की राशि 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने पर भी अतिरिक्त टैक्स लाभ मिल सकेगा।
इसी तरह से प्रॉपर्टी की बिक्री पर मिलने वाले इंडेक्सेशन लाभ को भी इस बजट में खत्म कर दिया गया है और सभी तरह के दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ पर अब सीधे 12.5 प्रतिशत से कर देना होगा। सरकार द्वारा इनकम टैक्स के प्रावधानों को पूरी तरह से नए प्रारूप में 6 महीने के भीतर सरलीकरण करने का फैसला स्वागत योग्य है।
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