कान्हा की नगरी मथुरा में कड़ी धूप में घर-घर जाकर आर एस एस स्वयंसेवक कर रहे है रोटियां एकत्रित

मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा घर घर जाकर सुबह एवं शाम रोटियां एकत्रित की जा रही है। ये रोटियां ब्रज प्रांत के 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग सामान्य में भाग लेने आये 600 स्वयंसेवको के खाने हेतु मंगाई जा रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ब्रज प्रांत का 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग सामान्य 11 जून तक परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में चल रहा है जिसमें 600 स्वयंसेवक शिक्षार्थी, व्यवस्था एवं शिक्षक के रूप में सहभागिता कर रहे हैं। इन सभी स्वयंसेवकों के लिए सुबह एवं शाम भोजन की रोटियां परिवारों से ही एकत्रित होकर जा रही हैं। परिवारों से रोटी संग्रह सामाजिक समरसता, समानता एवम बंधुत्व हेतु संघ का अभिनव प्रयोग है। नित्य प्रति लगभग 350 परिवारों से साढे तीन हजार रोटियां समाज के माध्यम से संग्रहित होती हैं प्रत्येक परिवार से 10 रोटी देने का आवाहन किया जाता है।

संघ के सेवाभावी स्वयंसेवक सुबह के भोजन हेतु एकदिन पूर्व रात्रि को एवं शाम के भोजन हेतु उसी दिन प्रात काल गांव तथा बस्तियों में रोटी लिफाफे का वितरण करते हैं तथा फिर यथा समय रोटी लिफाफा संग्रहित कर उसे संघ शिक्षा वर्ग में लेकर जाते हैं। संघ शिक्षा वर्ग मे 15 वर्ष की आयु से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के विद्यार्थी, व्यापारी, अधिवक्ता, कृषक, डॉक्टर, मजदूर, शिक्षक आदि सभी वर्गों के स्वयंसेवक सहभागिता कर रहे हैं। ब्रज प्रांत के शासकीय 12 जिलों के यह स्वयंसेवक जाति,पंथ, वर्ग, संप्रदाय, मत आदि की भावना से ऊपर उठकर हम सब हिंदू एक हैं कि भावना से इस वर्ग में रह रहे हैं। कौन रोटी किस परिवार की है, इसकी चिंता ना करते हुए यह रोटी मेरे हिंदू समाज परिवार की है इसको ध्यान में रखकर स्वयंसेवक रोटियां का आनंद ले रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मथुरा महानगर कार्यवाह विजय बंटा सर्राफ ने रोटी संग्रह की जानकारी देते हुए बताया कि वृंदावन जिला प्रचारक चंद्रशेखर एवं रोटी प्रमुख अरुण कुमार की योजना अनुसार मथुरा महानगर सहित संपूर्ण जिले के अलग-अलग गांव एवं मोहल्लों से अलग-अलग दिन अलग-अलग समय यह रोटियां संग्रहित की जा रही है। उस क्षेत्र के स्वयंसेवक कार्यकर्ता रोटी संग्रह के इस पवित्र कार्य को घर-घर जाकर गर्मी कि इस तपती धूप में पूरा कर रहे हैं। संघ के स्वयंसेवकों का यह परिश्रम सामाजिक समरसता, समानता, बंधुत्व एवं हिंदू हम सब एक के भाव की दिशा में प्रभावशाली है।
मथुरा महानगर रोटी प्रमुख विजय बंटा सर्राफ ने बताया सुबह और शाम मिलकर एक दिन में लगभग 700 परिवारों से रोटियां संग्रहित होती हैं। 15 दिवसीय इस वर्ग में रोटी संग्रह के माध्यम से स्वयंसेवक कार्यकर्ता लगभग 10000 परिवारों तक पहुंच कर अभिनव कार्य में लगे हैं।