मथुरा। जन जन के आराध्य लाडले लड्डूगोपाल को सर्दी का प्रभाव न पड़े, इसके लिए माताओं को लाला के लिए गर्म पोशाक का इंतजाम भी करना है। बृज के घरों के मंदिरों में विराजमान लड्डू गोपाल को ठंड से बचाने के लिए भक्त ऊन से बनी पोशाकें खरीद रहे हैं। इससे इनकी डिमांड काफी बढ़ गई है। इस बार बाजार में पिछले साल की तुलना में और भी कई चीजें हैं, जो भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। इनकी वे खूब खरीदारी कर रहे हैं। दरअसल भक्त सर्दी हो या गर्मी हर मौसम में अपने भगवान को उसके अनुसार वस्त्र पहनाते हैं। इस वजह से बाजार में ऊनी और वेलवेट ड्रेसेज की बिक्री काफी बढ़ गई है।
बांकेबिहारी मंदिर मार्केट में पोशाक शोरूम व्यापारी रामविशाल तिवारी ने बताया अब मौसम बदल गया है तो गर्म पोशाक की डिमांड में बढ़ोत्तरी हो गई है। इसलिए, कारीगरों ने भी गर्म पोशाक तैयार कर दी हैं। अलग-अलग तरह की शनील की पोशाक इनमें सबसे अधिक बिक्री गर्म शूट की हो रही है। ठाकुरजी की इनर, मफलर, शाल और टोपी की जमकर बिक्री हो रही है। कहा अभी सर्दी जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी और गलन शुरू होगी, तो ठाकुरजी के लिए छोटे आकार के विशेष हीटर भी बाजार में बिक्री के लिए आ जाएंगे। सर्दियों में लड्डू गोपाल को सुलाने के लिए आकर्षक रजाई-गद्दे भी बाजार में उपलब्ध हैं। भगवान श्रीकृष्ण को पहनाने के लिए सबसे ज्यादा क्रोएशिया से बनी ऊन की डबल फूल वाली पोशाक खूब बिक रही है, जो कि बनारस से मंगाई गई हैं।
क्रोशिया आर्टिस्ट हैबोवाल की गीता धीर ने कहा कि सर्दी के मौसम में ठाकुर जी का रहन-सहन और वस्त्र सब कुछ बदला जाता है। ठाकुर जी को परिवार का सदस्य माना जाता है। ऐसे में लोग खुद के लिए ही नहीं, लड्डू गोपाल के लिए भी ऊनी वस्त्रों की खरीदारी बड़े चाव से कर रहे हैं। वैसे तो समय-समय पर ठाकुर जी की पोशाक बदली जाती है, लेकिन खासकर सर्दी के मौसम में ठाकुर जी को ऊनी वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। रात में उन्हें कंबल भी ओढ़ाया जा रहा है। लड्डू गोपाल के लिए नई और आकर्षक वैरायटी की ऊनी पोशाकें तैयार की हैं। हर साल सर्दियों में कुछ न कुछ अलग बनाती हूं। इस बार क्रोशिया से पोशाकें तो बनाई ही हैं। इसके अलावा लड्डू गोपाल को आधुनिक लुक देने की तैयारी है। इसके लिए पोंचू, प्रैम, कंबल, जंप सूट, आसन भी बनाए हैं। बांकेबिहारी मार्केट में पोशाक की दुकान और शोरूम में गर्म पोशाक के अलग-अलग दाम तय कर रखे हैं। गर्म टोपी के रेट 10 से 200 रुपए तक रखे हैं। तो सनील की पोशाक 150 से शुरू होकर एक हजार रुपए तक की बिक्री हो रही है। इसी तरह मफलर तीस रूपए से 200 रुपए तक के बाजार में बिक रहे हैं। तो शाल 80 रुपए से तीन सौ रुपए, गर्म इनर 40 से 300 रुपए तक की बाजार में बिक्री हो रही है।
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