तीसरे वनडे में भारत ने वेस्टइंडीज को 200 रन से हराया, 2-1 से जीती सीरीज

तारोबा । भारत ने तीसरे और आखिरी एक दिवसीय क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज को 200 रन से हराकर श्रृंखला 2.1 से जीत ली लेकिन विश्व कप से पहले टीम संयोजन को लेकर कई सवाल अभी अनसुलझे रह गए हैं। कप्तान रोहित शर्मा और सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर बाहर रहकर विश्व कप के लिये संभावित खिलाड़ियों को मौका दिया। शार्दुल ठाकुर ने जायडेन सेल्स को एक रन के स्कोर पर आउट कर वेस्टइंडीज की पारी खत्म की। वेस्टइंडीज की टीम 352 रन का पीछा करते हुए सिर्फ 151 रन ही बना सकी और 200 रन से मैच हार गई। इस सीरीज का पहला मैच भारत ने पांच विकेट से जीता था। वहीं, वेस्टइंडीज ने दूसरा मैच छह विकेट से जीतकर बराबरी की। भारत ने तीसरा मैच 200 रन से जीता और सीरीज अपने नाम की।

अभी तक खामोश रहा शुभमन गिल का बल्ला आखिरकार बोला और उन्होंने 92 गेंद में 85 रन बनाये। इसके साथ ही ईशान किशन (63 गेंद में 77 रन) के साथ 143 रन की साझेदारी भी की। भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर पांच विकेट पर 351 रन बनाये। संजू सैमसन ने 41 गेंद में 51 रन बनाकर मध्यक्रम के लिये अपना दावा पुख्ता किया। कप्तान हार्दिक पंड्या ने 52 गेंद में पांच छक्कों और चार चौकों की मदद से नाबाद 70 रन बनाये। जवाब में कैरेबियाई टीम 35.3 ओवर में 151 रन पर आउट हो गई। मुकेश कुमार ने सात ओवर में 30 रन देकर तीन विकेट लिये। वेस्टइंडीज के लिये गुडाकेश मोती ने नाबाद 39 और अलजारी जोसेफ ने 26 रन बनाये और नौवें विकेट के लिये 55 रन जोड़े। शार्दुल ठाकुर ने 6.3 ओवर में 37 रन देकर चार विकेट लिये। जयदेव उनादकट को एक और कुलदीप यादव को दो विकेट मिले।

इसके बावजूद एशिया कप और विश्व कप से पहले कई प्रश्न अनुत्तरित रह गए हैं। मसलन ईशान का प्रदर्शन अच्छा रहा लेकिन अगर केएल राहुल फिट होते हैं तो फिर उनका बल्लेबाजी क्रम क्या होगा। ईशान के लिये रोहित शर्मा अपना बल्लेबाजी क्रम छोड़ेंगे, इसकी संभावना कम ही है।

अगर ईशान को मध्यक्रम में उतारा जाता है तो क्या यह सही होगा। श्रेयस अय्यर अगर फिट नहीं होते हैं तो सैमसन चौथे नंबर पर उतर सकते हैं। लेकिन पूरा समय होने के बावजूद वह कल बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। सूर्यकुमार यादव भी 35 रन बनाकर आउट हो गए और टी20 वाला फॉर्म वनडे में दिखाने में नाकाम रहे। श्रेयस और राहुल दोनों के फिट होने पर उनके लिये टीम में जगह बनाना मुश्किल हो जायेगा।

गेंदबाजी में भी युजवेंद्र चहल को एक भी मैच में मौका नहीं दिया गया। अब विश्व कप से पहले भारत को सिर्फ नौ मैच (अगर टीम एशिया कप फाइनल में पहुंचती है) खेलने हैं। रविंद्र जडेजा स्पिनर के तौर पर पहली पसंद हैं जिससे अक्षर पटेल के लिये जगह नहीं बनती। वहीं जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज और शार्दुल के रहते मुकेश कुमार के लिये जगह बना पाना मुश्किल होगा।