जिले की सीमा में हर ओर होगी यमुना आरती, बनेंगे शवदाह ग्रह
गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर यमुना शुद्धिकरण की तैयारी
मथुरा। अब यमुना महारानी की आरती मथुरा की सीमा में हर गांव एवं नगर पंचायत क्षेत्र में होगी। यमुना किनारे यहां वहां कोई शवदाह नहीं होगा। हर स्थान पर शवदाह ग्रह बनाए जाएंगे। लकडी की जगह नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की गोशालाओं में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गाय के गोबर की लकड़ी बनाने का काम शुरू किया जाएगा। डीएम पुलकित खरे ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधीनस्थों से जिला गंगा समिति की बैठक में प्रगति जानते हुए यह निर्देश दिए।
प्रशासनिक जिम्मेदारी के अलावा गोमती रिवरफ्रंट, काशी फोटो शूट एवं गरीब बच्चे को गोद लेकर पढ़ाने जैसे कार्यों के लिए सुर्खियों में रहने वाले डीएम पुलकित खरे ने मथुरा में भी अपने तेवर दिखा दिए हैं। वह खुद मीटिंग में भले ही नियत समय से करीब 35 मिनट की देरी से पहुंचे लेकिन पहली बार उन्होंने करीब पौना घंटे की मीटिंग में यमुना को लेकर किसी तरह की कोताही सहन न करने की मन:स्थिति स्पष्ट कर दी।
अधिकारियों ने उन्हें सरस्वती कुण्ड एवं औद्योगिक क्षेत्र स्थित साडी कारखानों के दूषित जल के शोधन संयंत्रों के संचालन की स्थिति बताने के अलावा नालों के गंदे पानी के शांधन से पूर्व एवं बाद में लिए जाने वाले नमूनों में अंतर भी स्पष्ट किया। डीएम ने डीपीआरओ को मथुरा जनपद की सीमा में पड़ने वाली यमुना के किनारों वाली पंचायतों के माध्यम से घाट निर्माण, शवादाहग्रह निर्माण एवं ग्राम समितियों की मासिक बैठक व उसके फोटोग्राफ अगली मीटिंग में रखने के निर्देश दिए।
कारोबारियों के हितों पर नजर
अधिकारियों के द्वारा किसी कारोबारी को शिकायत न हो इसके लिए उन्होंने एसटीपी आदि के स्टालेशन के समय ही निरीक्षण कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंन स्प्ष्ट किया कि किसी कारोबारी को अधिकारियों के कारण दिक्कत न हो इस बात का ध्यान रखें साथ ही यमुना में गंदा पानी न जाने पाए यह भी सुनिश्चित करें।
छाता— कोसी औद्योगिक क्षेत्र पर न हुई चर्चा
छाता एवं कोसीकलां क्षेत्र में स्थापित बड़े उद्योग एवं उनके डिस्चार्ज को लेकर अधिकारियों ने ज्यादा कुछ नहीं कहा। जिला गंगा समिति सदस्य दिलीप कुमार यादव ने बताया कि पहली बार उन्हें लगा कि समिति की मीटिंग गंभीरता पूर्वक हुई। पूर्व में चंद मिनटों में मीटिंग हो जाया करती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोसीकलां नगर एवं औद्योगिक क्षेत्र का डिस्चार्ज कोसी आर्टिलरी ड्रेन के माध्यम से यमुना में आता है।
गंदा पानी पीकर मर चुकी हैं 12 भैंस
कोसीकलां क्षेत्र में विश्वपर्यावरण दिवस से पूर्व फैक्ट्रियों से निकले पानी को पीकर 12 भेेंसों के मारने का मामला अभी पुराना नहीं हुआ है। यहां ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर बडा खेल हो रहा है। जिलाधिकरी को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता इस लिए भी है कि यहां बडी बडी कंपनियों के कल कारखान हैं और इनसे ज्यादा तादात में गंदा और जहरीला पानी निकलता है। ट्रीटमेंट प्लांट चलाए जाते तो शायद भेंसों की मौत न होती ।