यूपी में गांवों को स्मार्ट बनाने वाले प्रधानों को केंद्र सरकार देगी ‘कर्मयोगी’ पुरुस्कार: गिरिराज सिंह
कर्मयोगी बने देश के प्रधान,स्मार्ट पंचायत सिर्फ शब्द नहीं बल्कि देश की आत्मा
पिछले पांच वर्षो में मोदी सरकार ने उतर प्रदेश को दिया पचास हजार करोड़ रुपये का फंड
नेचुरल फार्मिंग से कैंसर के रोगों में आयेगी कमी
लखनऊ। प्रधानमंत्री के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के विजन को साकार करने के लिए एसे स्मार्ट गांव, जो जमीनी स्तर पर सेवा और रोजगार देने के लिए स्वतंत्र हों। इस संदर्भ में प्रदेश की राजधानी में “स्मार्ट विलेज पंचायत : ग्रामीण समुदायों का सशक्तिकरण, कोई भी पीछे न छूटे” विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुये केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश के प्रधानों को फंड से आगे सोचने की जरुरत है। उन्होने कहा कि देश के कर्मयोगी ग्राम प्रधानों को ग्रीन एनर्जी,बायोगैस,नेचुरल फार्मिंग, ई-लाईब्रेरी,ई-फार्मिंग,ई-रोजगार,स्वयं सहायता समूह ,जनभागीदारी और अन्य तकनीक के माध्यम से ग्राम पंचायतो को स्मार्ट बनाने की आवश्यकता है। श्री सिंह ने कहा कि देश के प्रधानों को मध्य प्रदेश,केरल,चंडीगढ और कोयंबटूर के कर्मयोगी प्रधानों से सीख लेनी चाहिये जिन्होंने धन के अभाव और तमाम दिक्कतों के बावजूद तकनीक का प्रयोग कर अपने गांवो को सिर्फ स्मार्ट ही नहीं बनाया बल्कि राज्य सरकार से एग्रीमेंट कर,बिंजली बेंचकर व अन्य माध्यमों से गांव की आमदनी में सलाना 10 से 15 लाख रुपये की वृद्दि कर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को शिक्षायाक्त,पोषण युक्त,ग्रीन एनर्जी युक्त ,सड़क युक्त और पूर्ण रोजगार पंचायत बनाने की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा ऐसे ग्राम प्रधानों को जो अपने गांवो को तकनीक का प्रयोग कर स्मार्ट बनायेंगे भारत सरकार उन्हें आने वाले समय में ‘’कर्मयोगी’’ पुरुस्कार देकर सम्मानित करेगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ने कहा कि ‘’स्मार्ट पंचायत’’ सिर्फ एक शब्द नही बल्कि देश की आत्मा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पंचायतों से ही प्रधानमंत्री का 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था का सपना साकार होगा। देश तभी आगे बढेगा जब ग्राम पंचायतें मजबूत होगी जिससे भारत का एक्सपोर्ट बढेगा। ग्राम पंचायतो को नेचुरल फार्मिंग पर बल देने की आवश्यकता है। इससे देश के नागरिक अस्पतालों से दूर रहेंगे और कैंसर जैसी बीमारी में कमी आयेगी।उन्होंने कहा कि फंड देने में केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है,पिछले पांच वर्षो में उतर प्रदेश को पचास हजार करोड़ रुपये का फंड दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के वैज्ञानिक शोध कर रहे है प्लाज्मा एक्टिवेटेड वाटर प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह सपना साकार होता है और हर ग्राम पंचायत में प्लाजमा वाटर तकनीक आ जाती है तो देश को यूरिया आयात की आवश्यकता नहीं पडेगी।स्वयं सहायता समूह के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं के यह समूह जेंडर एम्प्लॉइमन्ट को बढावा देंगे जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कहा कि हर ग्रामवासी को आदर्श बनाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम सचिवालय में कम्प्यूटर दिए गए हैं और वाईफाई की सुविधा है। इससे 243 प्रकार की सेवाएं ग्रामीणों को मिलेंगी। इससे ग्रामीणों को कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी। गांव के विकास कार्यों में पारदर्शिता लानी है। सभी भुगतान को पारदर्शी तरीके से करने के लिए फाइनेंसियल मैनजेमेंट सुविधा का उपयोग करना है। स्मार्ट पंचायत की परिकल्पना को साकार करना है। ढांचागत व्यवस्था सड़क पेयजल, शिक्षा, खेलकूद की व्यवस्था करनी है। हर ग्राम पंचायत में यह सब हो सकता है। जनभागीदारी के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।