मथुरा: वेटरनरी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन बोली , कृषि और पशुधन एक ही सिक्के के दो पहलू
मथुरा । पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (वेटरनरी यूनिवर्सिटी) में प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने छात्रों को जीवन में सफलता के मूलमंत्र दिये। बोलीं सफलता यदि जीवन में चाहिए तो अपने जीवन और कार्यों में स्वयं को इसके योग्य सिद्ध करें। महामहिम राज्यपाल पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं गो अनुसंधान संस्थान में आयोजित वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी के 11वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए आई थीं। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुधन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कृषि के साथ-साथ पशुधन को बढ़ावा देने के लिए वेटेरिनरी विवि को काम करना चाहिए। दुग्ध उत्पादन को बढ़वा देना चाहिए। आज स्थिति ये है कि दुध डेयरी पर जा रहा है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार समेत कइ राज्यों में यही स्थिति है। इसका कारण ये है कि लोग अपना बैंक बैलेंस बढ़ाना चाहते हैं। मगर बच्चों और माताओं को दूध नहीं दे रहे हैं। इसलिये कुपोषण बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि कुपोषित बच्चे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कहीं 30 फीसद तो कहीं 49 फीसद बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। हमको इन चुनौतियों से निपटने के लिए धरातल पर कार्य करना होगा। राज्यपाल ने सिक्किम राज्य का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा सिक्किम जैविक उत्पादन कर रहा है। प्रधानमंत्री भी चाहते हैं कि देश में जैविक उत्पादन को बढ़ावा मिले और जब जैविक उत्पादन होगा तो बीमारियों से भी छुटकारा मिलेगा। इन सब के लिए कृषि पशु पालन विभाग, शिक्षा विभाग सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने संस्कारों पर भी बल दिया। छात्रों से उन्होंने कहा कि वह अपने माता- पिता को न भूलें। हमेशा गुरुओं को सम्मान करें। मातृभाषा को लेकर उन्होंने कहा कि जो शिक्षा दी जाए तो मातृभाषा होगी। उन्होंने अपने संबोधन में इंदौर के गोबर प्लांट का भी जिक्र किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने छात्रों को मेडल प्रदान किये। इसके अलावा राज्यपाल ने कार्यक्रम में आये परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को पुस्तक और स्वल्पाहार वितरित किया। कुलपित प्रोफेसर जीके सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति से अवगत कराया। कुलाधिपति ने छात्र छात्रओं को अवधि देने की अनुमति प्रदान की।
राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में बीवीएससी के कुल 64 छात्र-छात्राओं (44 छात्र और 20 छात्राओं) को दीक्षा दी। एमवीएससी के 22 छात्र और 8 छात्राओं को स्नाकोत्तर उपाधि, 8 छात्रों और 1 छात्रा को डॉक्टरेट उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा बीवीएससी के छात्रों को उनके योग्यता अनुसार गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया। कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के कुल 24 छात्र-छात्राओं (12 छात्र और 12 छात्राओं) को कुलाधिपति दीक्षा प्रदान की गई। इसके अलावा 1 छात्र और 2 छात्राओं को डाक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। दीक्षांत समारोह में कुल 130 छात्र-छात्राओं (87 छात्र और 43 छात्राओं) को उपाधि प्रदान की गई। उपाधि और मेडल के अलावा दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को विभिन्न पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा गया। पशु चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं द्वारा संबधित विषयों में अधिकतम उत्तीर्ण अंकों के आधार पर तीन पुरस्कार जानकीनाथ मदान मेमोरियल, गोल्ड मेडल (Best Clinical Subject), डॉ. पीजी पांडेय अवार्ड (पैथोलॉजी), डॉ. जितेंद्र कुमार अवार्ड (शरीर क्रिया विज्ञान) और वाइस चांसलर गोल्ड मेडल अवार्ड दिए गया। स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं को मेरिट के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और वाइस चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया।
बताया जा रहा है कि दीक्षांत समारोह के बाद राज्यपाल मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में दर्शन करने भी जा सकती हैं। हालांकि अभी उनके इस कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना नहीं है।