नगर निगम के बंदर पकड़ो अभियान से हुआ नहीं कोई लाभ, बंदरों की लड़ाई में मंदिर का छज्जा गिरा आधा दर्जन श्रद्धालु हुए घायल
मथुरा। नगर निगम के आंशिक प्रयास के बावजूद मथुरा-वृंदावन नगरीय क्षेत्र में उत्पाती बंदरों का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा । आए दिन बंदरों के द्वारा महिला बच्चे वृद्ध लोगों को काटने की शिकायत प्रकाश में आती है वही आपस में बंदरों के गुटों की लड़ाई के चलते जर्जर मकान भवनों के जर्जर हिस्से गिरने से लोग घायल हो रहे हैं। ऐसा ही एक वाक्या आज प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर के समीप घटित हुआ जहां बंदरों के दो गुटों में हुई लड़ाई के चलते एक पुराने मंदिर का छज्जा गिर गया उसकी चपेट में आने से आधा दर्जन करीब श्रद्धालु घायल हो गए। आम जनता के दबाव के चलते नगर निगम द्वारा कुछ समय के लिए बंदर पकड़ो अभियान चलाया गया लेकिन इस अभियान से कोई खास लाभ जनता को नहीं हुआ बरन स्थिति और विकराल होती जा रही है। बंदरों का उत्पात इस कदर बढ़ गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में यह एक विशेष मुद्दा बनना तय हैं। सरकारी तंत्र ने जल्दी ही इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो इसका खामियाजा सत्ता रोड पार्टी के प्रत्याशी को भुगतना पड़ सकता है।
शहर के द्वारकाधीश मंदिर इलाके में एक बार फिर बंदरों का आतंक देखने को मिला। शुक्रवार की सुबह 7 बजे कुछ श्रद्धालु द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे तभी बंदरों के दो गुट आपस में लड़ते हुए आए जिससे उनकी धमा चौकड़ी से द्वारकाधीश मंदिर के समीप स्थित मदन मोहन मंदिर के छज्जे गिर गया , छज्जा गिरने से नीचे से गुजर रहे आधा दर्जन श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
हादसे में बाराबंकी निवासी अनिल बाजपेई, चंदन मिश्रा, मथुरा निवासी गोपाल चतुर्वेदी व कई अन्य श्रद्धालु घायल हो गए। जिला अस्पताल में लाए गए श्रद्धालुओं काफी चोटें आई है जबकि 2 श्रद्धालु प्राथमिक उपचार के पश्चात चले गए।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अभियान के दौरान 2000 के करीब बंदर पकड़े हैं। और बंदर पकड़ने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है अनुमति प्राप्त होते ही पुन बंदर पकड़ो अभियान चलाया जाएगा।