सपा नेता ने दुष्कर्म और 40 लाख रुपए की वसूली के आरोप को बताया निराधार

मथुरा । समाजवादी पार्टी अधिवक्ता संघ के राष्ट्रीय सचिव रहे राजेंद्र फेरारी एडवोकेट ने अपने ऊपर दुष्कर्म और 40 लाख रुपए की वसूली के आरोप को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती ने मेरे ऊपर क्रॉस मुकदमा दबाब बनाने के लिए झूठी एफ आई आर दर्ज करवायी है। उसका पैसे और ज़मीन को लेकर मेरे से विवाद चल रहा था जिसके संबंध में मैंने इसके ख़िलाफ़ दो एफआईआर दो महीने पहले दर्ज करवायी थी और दो सिविल केस भी इसके ख़िलाफ़ किये हैं। अब उनको वापस लेने और मेरा 50 लाख रू वापस न देने के दबाब में ये मुकदमा मेरे ख़िलाफ़ साज़िशना मेरी सामाजिक छवि ख़राब करने के लिए दो साल पहले की घटना बना के लिखवाया गया है । युवा सपा नेता राजेंद्र फेरारी का कहना है कि इसके ख़िलाफ़ कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं।

उनका कहना है कि उनके ऊपर आरोप लगाने वाली युवती ने एक फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवा रखा हैं उसका फायदा जमीनों में रजिस्ट्री के लिए स्टाम्प छूट में लेती रहती है । इसके प्रमाण पत्र की जांच भी मथुरा सीएमओ कर रहे हैं। सपा नेता राजेंद्र सिंह उर्फ राजेंद्र फेरारी ने बताया कि 2 जुलाई 26 को इसने थाना प्रभारी सदर बाजार को एक शपथ पत्र दिया था जिसमें कहा था कभी कोई भी आरोप भविष्य में वह उन पर नहीं लगाएगी। उनका कहना है कि यह सब मेरे रुपए ऐंठने के कारण षड्यंत्र रचा गया है।