वात्सल्य ग्राम में वैशिष्ट्यम पुनर्वास केंद्र के नए भवन का लोकार्पण, 150 दिव्यांग बच्चों को मिलेगी नई दिशा
साध्वी ऋतंभरा बोलीं—हर सक्षम व्यक्ति एक दिव्यांग का हाथ थाम ले तो समाज में कोई असहाय नहीं रहेगा
मथुरा। वात्सल्य ग्राम स्थित वैशिष्ट्यम पुनर्वास केंद्र के नवीन भवन का लोकार्पण पद्म विभूषित साध्वी ऋतंभरा के पावन सानिध्य में ब्रजतीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें शिक्षा एवं प्रशिक्षण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दोहराया गया। नवीन भवन से पुनर्वास और शिक्षक प्रशिक्षण की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि वैशिष्ट्यम की शुरुआत वात्सल्य ग्राम के पालने में आए दिव्यांग बच्चों की देखभाल और शिक्षा के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन आज यह केंद्र समाज के सैकड़ों बच्चों को नई दिशा देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहा है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 20 बच्चे अपने पैरों पर खड़े होकर व्यवसाय कर रहे हैं। वहीं, दो बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। यह उपलब्धियां समाज के सहयोग और सेवा भावना का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि जब एक सक्षम व्यक्ति किसी दिव्यांग का हाथ थामता है, तो उसे भी अपनी क्षमताओं को पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति किसी एक दिव्यांग की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प ले ले, तो कोई भी व्यक्ति स्वयं को असहाय महसूस नहीं करेगा। समाज की वास्तविक शक्ति एक-दूसरे का सहारा बनने और जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने में निहित है।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष मुख्य अतिथि शैलजाकांत मिश्रा ने कहा कि वैशिष्ट्यम पुनर्वास केंद्र का अवलोकन कर उनका मन प्रसन्न हो गया। साध्वी ऋतंभरा द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य अद्भुत और अकल्पनीय हैं। यह पुनर्वास केंद्र दिव्यांग बच्चों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां से शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर निकलने वाले प्रशिक्षक समाज के अन्य दिव्यांगजनों को भी सही दिशा देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वात्सल्य ग्राम ने सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में ऐसे कार्य किए हैं, जिनके लिए समाज सदैव आभारी रहेगा।
वैशिष्ट्यम विद्यालय की प्रधानाचार्य मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2014 में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं विकास के उद्देश्य से विद्यालय की स्थापना की गई थी। 12 वर्षों के दौरान संस्था ने उल्लेखनीय प्रगति की है। दानदाताओं के सहयोग से अब वैशिष्ट्यम पुनर्वास एवं शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र को अपना नवीन भवन मिल गया है। यहां 20 प्रशिक्षित अध्यापकों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की चिकित्सा एवं पुनर्वास पद्धतियों द्वारा लगभग 150 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ने, लिखने, बोलने, दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्य करने और कुटीर उद्योगों से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे, ताकि वे समाज में सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। संस्था का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास प्रदान कर इस योग्य बनाना है कि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें तथा दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
कार्यक्रम में संजय भैया, मृदुलकांत शास्त्री, रविकांत गर्ग, स्वामी सत्यशील, सुमन लता, अशोक सरीन, साध्वी शिरोमणि, नवीन मित्तल, अजय गोयल, देवेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य मीनाक्षी अग्रवाल सहित वैशिष्ट्यम परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमाशंकर राही ने किया।