मीडिया की नई सोच: तनावमुक्त जीवन और सकारात्मक पत्रकारिता पर जोर, 1500 पत्रकारों ने लिया नशामुक्ति संकल्प
आबूरोड। भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते तनाव के बीच मानसिक शांति व मेडिटेशन के गुर सीखने के उद्देश्य से देशभर से 1500 से अधिक मीडियाकर्मी ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मान सरोवर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, वेब, सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार, संपादक एवं जनसंपर्क अधिकारी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने हाथ उठाकर नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।
मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल
सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सरफराज सैफी ने मीडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मीडिया केवल खबर दिखाएगा या उसके पीछे की सच्चाई भी सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि पत्रकार अपने कंटेंट के माध्यम से समाज को सही दिशा दें और श्रेष्ठ समाज के निर्माण में योगदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों को भीतर से मानसिक सुकून की आवश्यकता है, तभी वे समाज को सही रूप में आइना दिखा सकेंगे।
एआई और तकनीक से बढ़ती चुनौतियाँ
वरिष्ठ पत्रकार एवं मैनेजिंग एडिटर यशवंत राणा ने कहा कि वर्तमान समय मानव सभ्यता के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण दौर है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक नई चुनौतियां खड़ी कर रही है।
ब्रह्माकुमारीज़ के महासचिव एवं मीडिया प्रभाग अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरु बनेगा और मीडिया को क्रांति के रूप में आगे आकर इस परिवर्तन में भूमिका निभानी होगी।
आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के परिसर में आध्यात्मिक वातावरण है और आज दुनिया में बढ़ते झगड़ों की सबसे बड़ी वजह संवाद की कमी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य लोकमंगल है और मीडिया को संवाद की परंपरा को मजबूत करना चाहिए।
रायपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मान सिंह परमार ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा विश्व को जोड़ने वाली रही है और सकारात्मक खबरों के माध्यम से समाज में बेहतर वातावरण बनाया जा सकता है।
ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी ने कहा कि समय परिवर्तन का संकेत दे रहा है और आत्मिक जागृति के माध्यम से ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने उपस्थित पत्रकारों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर गहन शांति की अनुभूति कराई।
सम्मेलन में बीके निकुंज भाई, बीके चंद्रकला दीदी, बीके सरला आनंद बहन और बीके शांतनु भाई सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मधुरवाणी ग्रुप द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया तथा बाल कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति देकर अतिथियों का स्वागत किया।