5253वें श्री कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी : अयोध्या-काशी की सौगात संग ‘कलहंस’ बंगले में विराजेंगे कान्हा
मथुरा । धर्मनगरी मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर शास्त्रीय मर्यादाओं और परंपराओं के अनुसार भव्य रूप में मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान द्वारा आयोजित इस महाउत्सव में इस वर्ष विशेष रूप से ‘गौ रक्षा-राष्ट्र रक्षा’ का संकल्प लिया जाएगा। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि जन्मोत्सव के लिए श्रीगर्भ-गृह से लेकर पूरे परिसर को आकर्षक रूप में सजाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ‘कलहंस’ पुष्प-बंगले में विराजमान होंगे और समुद्र मंथन के रत्नों की भावना पर आधारित पंचरत्नी पोशाक एवं रत्न-जड़ित मुकुट धारण करेंगे। 3 सितंबर की शाम 5:30 बजे भव्य पोशाक अर्पण एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि (अयोध्या) और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम (काशी) से प्राप्त विशेष उपहार, प्रसाद, वस्त्र, आभूषण एवं पवित्र द्रव्य शामिल रहेंगे।
4 सितंबर मध्यरात्रि 12 बजे कान्हा के प्राकट्य के साथ जन्म-महाअभिषेक आरंभ होगा। स्वर्ण-मंडित रजत कामधेनु गौ द्वारा पयोधर अभिषेक के बाद रजत कमल पुष्प में विराजमान ठाकुरजी का महाअभिषेक कराया जाएगा। कंस के प्राचीन कारागार कहे जाने वाले श्रीगर्भ-गृह को करीब 200 किलोग्राम चांदी और आकर्षक पुष्प-पत्रों से सजाया जा रहा है। दर्शन के लिए कार्यक्रम का सीधा प्रसारण LED स्क्रीन और टीवी चैनलों पर किया जाएगा।
उत्सव में उज्जैन से आए डमरू और मृदंग के सिद्धहस्त वादक मंगल ध्वनि करेंगे। वहीं 1 से 5 सितंबर तक शाम 7 से रात 11 बजे तक लीलामंच पर माखन चोर लीला, मीरा बाई चरित्र, श्रीकृष्ण जन्म लीला और गिरिराज पूजा का मंचन होगा। जन्माष्टमी पर सुबह 5:30 बजे मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू होगा। श्रद्धालुओं का प्रवेश गोविंद द्वार और निकास मुख्य द्वार से होगा। परिसर में मोबाइल, कैमरा और बैग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। रूपम सिनेमा, श्री गोविन्दम और राधापार्क पर सामान एवं जूता घर बनाए जाएंगे। परिसर में पेयजल, खोया-पाया केंद्र और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।