ईरान-ओमान समझौते से तत्काल नहीं खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य, नई नौवहन व्यवस्था पर 30-60 दिन में होगी बातचीत
तेहरान । ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाबादी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच में हुए समझौते की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि जलडमरूमध्य तत्काल खोल दिया जाएगा। ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम ने यह जानकारी दी। श्री गरीबाबादी के अनुसार ओमान के साथ हुए समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना दो अलग-अलग मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 58 वर्षों से जहाज ओमान की ओर के जलक्षेत्र से गुजरते रहे हैं, जिससे ईरान को गंभीर नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब होर्मुज ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है और जहाजों के प्रवेश तथा निकास मार्गों में बुनियादी बदलाव किए जाने जरूरी हैं। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत फारस की खाड़ी में प्रवेश का मार्ग ईरानी जलक्षेत्र से होकर गुजरेगा, जबकि निकास मार्ग ओमान के क्षेत्रीय जल से होकर जाएगा। हालांकि, दोनों मार्गों पर जहाज ईरानी जलक्षेत्र से होकर गुजरेंगे। उप विदेश मंत्री ने नए मार्ग को “दोतरफा राजमार्ग” जैसा बताते हुए कहा कि इसकी कुल चौड़ाई करीब सात मील होगी। उन्होंने बताया कि यह मार्ग अस्थाई है। ईरान और ओमान अगले 30 से 60 दिनों में स्थाई मार्ग तय करने के लिए बातचीत करने की उम्मीद है, जो पिछली समुद्री यातायात व्यवस्था का स्थान लेगा।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरुमध्य से होकर जाने वाला दक्षिणी मार्ग बंद रहेगा और इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) को सूचित किया जाएगा। यदि ईरान की मांगें पूरी नहीं होती हैं तो होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। श्री गरीबाबादी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका द्वारा बनाया गया अवैध दक्षिणी मार्ग उसके अपने समझौता ज्ञापन के तहत किए गए दायित्वों का उल्लंघन था। उन्होंने दावा किया कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरुमध्य को बंद किए जाने के कारण अमेरिका को अपने पूर्व के रुख से पीछे हटना पड़ा।