एक क्लिक पर डाक सेवा: Jyotiraditya Scindia ने लॉन्च किए नए डिजिटल ऐप

नई दिल्ली । केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘डाक मित्र’ और ‘डाक सेवा’ ऐप के शुभारंभ तथा 14 आधुनिकीकृत डाकघरों के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि अब डाक सेवाएं नागरिकों को “एक क्लिक” पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए जनसेवा के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक देश की सबसे पुरानी और विश्वसनीय संस्थाओं में से एक है, जो बदलते समय के अनुरूप स्वयं को आधुनिक स्वरूप में ढाल रही है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य सेवाओं को सरल, तेज, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाना है। अब नागरिक केवल सेवा उपलब्ध होने की अपेक्षा नहीं रखते, बल्कि चाहते हैं कि सेवाएं उनके मोबाइल पर, एक स्पर्श में और पारदर्शी तरीके से मिलें।

‘डाक मित्र’ ऐप को डाक सेवकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए विकसित किया गया है। मई 2025 में इसके नए संस्करण के बाद यह ऐप 1.4 लाख शाखा डाकघरों में संचालित हो रहा है। इसके माध्यम से 2.45 करोड़ स्पीड पोस्ट और पार्सल बुकिंग दर्ज की गई हैं, जबकि 15.09 करोड़ डाक वस्तुओं की डिलीवरी में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस पहल से 5,431 करोड़ रुपये के प्रीमियम संग्रह में योगदान मिला है।

सिंधिया ने कहा कि अब डाक सेवक सेवाएं लेकर सीधे नागरिकों तक पहुंच रहे हैं, जिससे डिजिटल परिवर्तन की वास्तविक ताकत दिखाई देती है। आधार आधारित केवाईसी, बायोमेट्रिक नकद निकासी और ई-केवाईसी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वहीं ‘डाक सेवा’ ऐप नागरिकों के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए डाक ट्रैकिंग, स्पीड पोस्ट बुकिंग, ई-मनी ऑर्डर, शिकायत पंजीकरण, पिन कोड जानकारी, डाक शुल्क गणना और बीमा सेवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलती है। जून 2025 में शुरू हुए इस ऐप को अब तक लगभग 10 लाख डाउनलोड मिल चुके हैं और इसके जरिए 91.34 लाख मेल और पार्सल बुक किए जा चुके हैं। यह ऐप 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग व कार्ड भुगतान की सुविधा भी दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि डिजिटल बदलाव के बावजूद भौतिक डाकघरों का महत्व कम नहीं हुआ है। देशभर में डाकघरों के आधुनिकीकरण की योजना के तहत 17 राज्यों में 40 डाकघरों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 27 का कार्य पूरा हो चुका है और 14 डाकघरों का उद्घाटन किया गया। इन डाकघरों में आधुनिक सुविधाओं के साथ नागरिकों को बेहतर सेवा अनुभव प्रदान किया जाएगा।

आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय डाक का राजस्व 13,218 करोड़ रुपये रहा, जो 2025-26 में बढ़कर 15,296 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2026-27 की पहली तिमाही में 4,008.95 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय डाक की सफलता का आकलन केवल ऐप डाउनलोड या डाकघरों की संख्या से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों के काम की सुगमता से किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पुराना भरोसा, नई तकनीक और नई गति ही भारतीय डाक की पहचान है।”

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, डाक विभाग के सचिव सुब्रत दास, डाक महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि और डाककर्मी उपस्थित रहे।