यूपी में गृहकर, जलकर व सीवर कर पर 100% ब्याज माफ: 15 अगस्त से लागू हुई ‘एकमुश्त समाधान योजना’

​बकायेदारों को मिलेगी 3 किस्तों में भुगतान की सुविधा; 1 अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये पर मिलेगा सीधा लाभ, ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

​लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के बकायेदारों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (OTS) लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों (17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायत) में संपत्ति कर (गृहकर, जलकर एवं सीवर कर) के लंबित बकाये पर वसूले जाने वाले ब्याज और सरचार्ज पर शत-प्रतिशत (100%) की छूट प्रदान की जाएगी। यह महत्वाकांक्षी योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में एक साथ संचालित की जाएगी।
​प्रमुख सचिव (नगर विकास) पी. गुरू प्रसाद द्वारा प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों एवं अधिशासी अधिकारियों को जारी शासनादेश (संख्या-931/नौ-9-2026-ई-1650937) के तहत यह निर्णय उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 221(3) एवं नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 157(3) में विहित प्राविधानों के अंतर्गत लिया गया है। शासन का मुख्य उद्देश्य निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना, अदालती मुकदमों में कमी लाना और करदाताओं को व्यावहारिक राहत पहुंचाना है। ​करदाताओं पर एकमुश्त वित्तीय बोझ न पड़े और राजस्व वसूली में तेजी आए इसके लिए योजना में अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है।
​आवेदक को योजना का लाभ लेने के लिए 3 माह के भीतर संपूर्ण धनराशि का भुगतान करना अनिवार्य होगा। ​सभी श्रेणियों और 01 अप्रैल 2026 तक के बकाये पर लागू होगी।
​यह योजना प्रदेश के सभी निकायों की सीमांतर्गत आने वाली सभी श्रेणियों—आवासीय, अनावासीय, मिश्रित (व्यक्तिगत, राज्य सरकार, स्वायत्तशासी निकाय, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स आदि) पर एक समान रूप से लागू होगी। योजना का सीधा लाभ 01 अप्रैल, 2026 तक के लंबित बकाए पर प्रदान किया जाएगा।

ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन और 15 दिन में निस्तारण
लाभार्थी निकाय की अधिकृत वेबसाइट या ओटीएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अथवा हेल्प डेस्क पर जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। ​निस्तारण की समय-सीमा: निकायों द्वारा प्राप्त आवेदनों का निस्तारण प्राप्ति तिथि से 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा। ​आवेदन की अंतिम तिथि: योजना में नए आवेदन 15 अगस्त 2026 से 14 नवंबर 2026 तक ही स्वीकार किए जाएंगे। 15 दिसंबर 2026 तक समस्त प्रकरणों का अंतिम निस्तारण पूर्ण करना होगा।

​शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि अंतिम तिथि तक यदि अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही से आवेदन अनिस्तारित रहते हैं और निकाय को वित्तीय क्षति होती है, तो संबंधित कर्मियों का उत्तरदायित्व तय कर उनसे क्षति की वसूली की जाएगी। ​इसके साथ ही, जो बकायेदार ओटीएस योजना का लाभ नहीं उठाएंगे उनके खिलाफ 15 दिसंबर के बाद नियमानुसार कठोर इंफोर्समेंट व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ध्यान रहे योजना लागू होने से पूर्व जमा कराई जा चुकी बकाया राशि पर कोई रिफंड (धन वापसी) देय नहीं होगा।
मथुरा वृंदावन नगर निगम के नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने नागरिकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है।